Uttar Pradesh

शिवरात्रि 2026: अयोध्या के पवित्र शिव मंदिर… महाशिवरात्रि पर यहां जाएं, पूरी होगी आपकी हर मनोकामना

अयोध्या में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है, जो भगवान शिव के पवित्र मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं। अयोध्या में कई प्राचीन और पवित्र शिव मंदिर स्थित हैं, जो ऐतिहासिक महत्व रखते हैं और उनके दर्शन मात्र से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होने की मान्यता है।

अयोध्या में प्राचीन भगवान शंकर का मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर, सरयू के तट पर स्थित है। इस मंदिर की स्थापना प्रभु राम के पुत्र कुश ने कराई थी। सावन के महीने में यहां कई लाख श्रद्धालु आसपास के जिलों से आकर भगवान शंकर का जलाभिषेक करते हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर भक्तों की कतार इस मंदिर में देखने को मिलती है। इतना ही नहीं, महाशिवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर से भगवान भोले की बारात भी निकाली जाती है।

क्षीरेश्वर नाथ मंदिर रामपथ पर स्थित है और इसकी मान्यता भी अत्यंत प्राचीन और अपरंपार है। महाशिवरात्रि के मौके पर लाखों श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि राजा दशरथ ने पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए क्षीरेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव का दूध से अभिषेक किया था। उस अभिषेक से दूध की धारा बह निकली, जो आगे चलकर सागर में बदल गई। तभी से शिवलिंग को क्षीरेश्वर नाथ के नाम से जाना जाता है।

राम मंदिर परिसर में स्थित कुबेर टीला पर भगवान शंकर का मंदिर है। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के उत्तरी भाग में स्थित कुबेर टीला एक प्राचीन और महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है, जहां कुबेरेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस प्राचीन शिव मंदिर का पुनरुद्धार किया गया है, और इसे रामलला के जन्म से पूर्व का माना जाता है, जब भगवान शिव की पूजा स्वयं कुबेर ने की थी।

राम मंदिर के ठीक ईशान कोण पर भगवान शंकर का एक मंदिर स्थित है, जिसे कोटेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां जलाभिषेक करने से जीवन की हर परेशानियों का अंत होता है और भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। अयोध्या दर्शन के समय इस प्राचीन शिव मंदिर का दर्शन अवश्य करना चाहिए।

राम कचहरी चारों धाम मंदिर, राम मंदिर परिसर के ठीक समीप स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान राम अपनी कचहरी यहीं लगाते थे। समय के साथ यहां एक भव्य भगवान शंकर का मंदिर भी निर्मित किया गया, जिसे सहस्त्रलिंगम भगवान रामेश्वरम के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर के दर्शन मात्र से जीवन के सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।

You Missed

Scroll to Top