Uttar Pradesh

ओसीडी से भी खतरनाक ये बीमारी! जिसमें चींटी से भी डरने लगता है इंसान, घबराहट में कभी भी दे सकता है जान।

फोबिया: एक खतरनाक बीमारी जो इंसान को पागल बना देती है

उत्तर प्रदेश के आगरा में फोबिया के मरीज बढ़ रहे हैं। यह बीमारी इतनी खतरनाक है कि मरीज कई बार सुसाइड तक कर लेता है। आगरा के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ ने बताया कि फोबिया में इंसान किसी भी एक चीज से इतना डरने लगता है कि वह उसे देखते ही पूरा भयभीत हो जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज के मन में मरने या सुसाइड तक के ख्याल आने लगते हैं। इसका उपचार कराना बेहद जरूरी है। ऐसे मरीजों को उन वस्तुओं से सामना कराया जाता है, जिससे उन्हें काफी डर लगता है। उनकी काउंसलिंग होती है। कुछ दवाओं को दिया जाता है और धीरे-धीरे मरीज को फोबिया से आराम मिलने लगता है।

फोबिया का इलाज जरूरी

आगरा के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि फोबिया का इलाज जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को किसी भी चीज या वस्तु से इतना डर लगे कि वह पूरी तरह से घबरा जाए, उसके पसीने आने लगे, बेचैनी हो या ब्लड प्रेसर बढ़-घट जाए, तो ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्य को उसे तत्काल नजदीकी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की जरूरत है।

फोबिया का इलाज वर्तमान में संभव है। इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि फोबिया का डर निकालने के लिए मरीज के सामने वही चीज या वस्तु रखी जाती है, जिससे उसे डर लगता है। शुरुआत में मरीज को दिक्कत होगी, लेकिन धीरे-धीरे वह स्वस्थ होने लगेगा।

चींटी, मच्छर, छिपकली तक से घबरा जाता है मरीज

आगरा के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि फोबिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज एक छोटे से मच्छर, चींटी या छिपकली तक से इतना डरने लगता है कि वह सुसाइड तक कर लेता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में मरीज काफी ज्यादा तनाव और डिप्रेशन ले जाता है। उसे लगता है कि अब उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है, तब वह ऐसे कदम उठाता है।

उन्होंने कहा कि परिवार को ऐसे मरीज का विशेष ख्याल रखना चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञ ने कहा कि अब आसानी से इस बीमारी का इलाज उपलब्ध है, जिसमें मरीजों को कुछ काउंसलिंग, दवा और मनोरंजन से इसका इलाज किया जाता है।

फोबिया का इलाज कराना बेहद जरूरी

आगरा के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि फोबिया का इलाज जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को किसी भी चीज या वस्तु से इतना डर लगे कि वह पूरी तरह से घबरा जाए, उसके पसीने आने लगे, बेचैनी हो या ब्लड प्रेसर बढ़-घट जाए, तो ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्य को उसे तत्काल नजदीकी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की जरूरत है।

फोबिया का इलाज वर्तमान में संभव है। इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि फोबिया का डर निकालने के लिए मरीज के सामने वही चीज या वस्तु रखी जाती है, जिससे उसे डर लगता है। शुरुआत में मरीज को दिक्कत होगी, लेकिन धीरे-धीरे वह स्वस्थ होने लगेगा।

फोबिया का इलाज कराने के लिए परिवार को क्या करना चाहिए?

फोबिया का इलाज कराने के लिए परिवार को कई कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, परिवार के सदस्य को मरीज को तत्काल नजदीकी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की जरूरत है। इसके बाद, मरीज को कुछ काउंसलिंग, दवा और मनोरंजन से इसका इलाज किया जाता है।

फोबिया का इलाज कराने के लिए परिवार को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:

* मरीज को तत्काल नजदीकी मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाने की जरूरत है।
* मरीज को कुछ काउंसलिंग, दवा और मनोरंजन से इसका इलाज किया जाता है।
* परिवार के सदस्य को मरीज का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
* मरीज को धीरे-धीरे स्वस्थ होने में मदद करनी चाहिए।

फोबिया का इलाज कराने के लिए परिवार को कई कदम उठाने होंगे। इन कदमों को उठाने से मरीज को फोबिया से आराम मिलने में मदद मिलेगी।

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