Uttar Pradesh

वनस्पतियों में पाए जाने वाला यह खरपतवार दांतों के लिए बहुत ही फायदेमंद है, सुबह दातुन करने से इसके फायदे मिलते हैं।

अपामार्ग: आयुर्वेद में एक औषधि का काम करने वाला खरपतवार

खेतों और जंगलों में उगने वाले कई पौधों को लोग खरपतवार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद में यही पौधे औषधि का काम करते हैं. ऐसा ही एक खरपतवार है अपामार्ग, जिसे कई इलाकों में चिरचिटा या लटजीरा के नाम से जाना जाता है. यह पौधा सड़क किनारे, जंगलों और खाली जमीन पर आसानी से मिल जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, अपामार्ग की टहनी से की जाने वाली दातुन दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है.

दरअसल, रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) बताती हैं कि अपामार्ग में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं. सुबह-सुबह इसकी दातुन करने से मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं, जिससे दांतों में सड़न और कैविटी की समस्या कम होती है. यही कारण है कि पुराने समय में लोग टूथब्रश और टूथपेस्ट की जगह दातुन का ही इस्तेमाल करते थे.

अपामार्ग की दातुन मसूड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करती है. जिन लोगों को मसूड़ों से खून आना, सूजन या दर्द की शिकायत रहती है, उनके लिए यह दातुन काफी फायदेमंद मानी जाती है. नियमित रूप से दातुन करने से मसूड़ों में रक्त संचार बेहतर होता है और धीरे-धीरे मसूड़ों की कमजोरी दूर होने लगती है.

आजकल दांतों की बदबू यानी मुंह से आने वाली दुर्गंध की समस्या आम हो गई है. आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, अपामार्ग की दातुन मुंह की सफाई के साथ-साथ बदबू को दूर करने में भी असरदार है. इसकी कसैली प्रकृति जीभ और दांतों पर जमी गंदगी को साफ करती है, जिससे मुंह लंबे समय तक तरोताजा महसूस करता है. इसके अलावा, अपामार्ग की दातुन दांतों के पीलेपन को कम करने में भी सहायक मानी जाती है.

इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व दांतों पर जमी परत को धीरे-धीरे हटाने में मदद करते हैं, जिससे दांत साफ और चमकदार नजर आते हैं. सुबह खाली पेट अपामार्ग की ताजी और साफ टहनी लें. एक सिरे को हल्का-सा चबा कर ब्रश जैसा बना लें और धीरे-धीरे दांतों व मसूड़ों पर रगड़ें. 5 से 10 मिनट तक दातुन करने के बाद मुंह को साफ पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें.

डा स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि किसी भी जंगली पौधे का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सही पहचान जरूरी है. सही तरीके और नियमित उपयोग से यह साधारण दिखने वाला खरपतवार दांतों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

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