शाहजहांपुर: मशहूर हास्य अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी अदाकारी नहीं, बल्कि कानूनी पचड़ों के कारण सुर्खियों में हैं. फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लिया गया कर्ज उनके लिए गले की फांस बन गया है. चेक बाउंस होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद वो इन दिनों तिहाड़ जेल में हैं. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले यादव पर करोड़ों का कर्ज न चुकाने का आरोप है, जिसने उनके करियर पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
कर्ज का जाल और फिल्म का विवाद
दरअसल, विवाद की जड़ राजपाल यादव के निर्देशन में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ है. फिल्म बनाने के लिए उन्होंने शाहजहांपुर के ही उद्योगपति की फर्म मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. आरोप है कि राजपाल ने यह रकम समय पर वापस नहीं की. जब उन्होंने कंपनी को चेक दिए, तो वे बैंक में बाउंस हो गए. कंपनी ने धोखाधड़ी और भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद मामला लंबा खिंचता चला गया।
शाहजहांपुर की संपत्ति और नैतिकता के सवाल
राजपाल यादव मूल रूप से शाहजहांपुर के विकासखंड बंडा के कुंडरा गांव के रहने वाले हैं. स्थानीय चर्चाओं और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वहां उनके परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी हैसियत होने के बावजूद उन्होंने कर्ज क्यों नहीं चुकाया. शाहजहांपुर में उनके पिता नौरंग यादव के नाम एक बेशकीमती जमीन थी. पिता के निधन के बाद अब वो जमीन किसके नाम दर्ज है, इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. वहीं आलोचकों का कहना है कि यदि वह चाहते तो अपनी संपत्ति के जरिए इस विवाद को सुलझा सकते थे, लेकिन उन्होंने कानूनी लड़ाई को तवज्जो दी.
अदालत की सख्ती और तिहाड़ का सफर
अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजपाल यादव को कई बार समझौता करने का मौका दिया था. हालांकि, भुगतान करने के वादों को पूरा न करने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई. आखिरकार, चेक बाउंस के इस गंभीर मामले में उन्हें दोषी मानते हुए जेल की सजा सुनाई गई. फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में अपनी सजा काट रहे हैं, जिसने उनके प्रशंसकों को काफी निराश किया है।
फिल्मी सितारों का मिला समर्थन
भले ही राजपाल कानूनी घेरे में हों, लेकिन बॉलीवुड में उनके योगदान को देखते हुए कई फिल्मी सितारे उनके समर्थन में उतर आए हैं. वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि राजपाल एक बेहतरीन इंसान हैं और शायद वित्तीय कुप्रबंधन के कारण इस स्थिति में फंस गए. लोगों ने सहानुभूति जताई है और उनके समर्थन में आवाज उठाई है.

