फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है. यहां गली बोहरान में स्थित अश्वनी एंड कंपनी आज देश का सबसे बड़ा चूड़ियों का शोरूम बन चुका है. इसके मालिक अंशुल गुप्ता ने एमबीए करने के बाद नौकरी छोड़कर पारिवारिक व्यवसाय संभाला. करीब 10 हजार रुपए से शुरू हुआ यह कारोबार आज करोड़ों तक पहुंच चुका है. सोशल मीडिया की मदद से उनकी फैंसी कांच की चूड़ियां अब 32 देशों तक निर्यात की जा रही हैं.
फिरोजाबाद शहर कांच की चूड़ियों के लिए विश्व विख्यात है. यहां हजारों दुकानों पर रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां बिकती हैं. वहीं यहां कई छोटे और बड़े चूड़ियों के शोरूम भी हैं लेकिन मार्केट में एक ऐसा शोरूम भी है जिसकी कहानी बेहद दिलचस्प है. शोरूम की शुरुआत करने वाले युवा ने पढ़ाई के बाद नौकरी छोड़कर इस व्यापार को आगे बढ़ाया और आज अपनी लगन और मेहनत से करोड़ों रुपए का व्यापार खड़ा कर लिया है. वही युवा का कहना है कि कोई भी काम करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है. जिससे एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है. आज उनका चूड़ियों का यह शोरूम हिंदुस्तान का सबसे बड़ा शोरूम बन चुका है.
अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनकी जिंदगी में काफी संघर्ष रहा है. उनकी इस फर्म की शुरुआत आज से लगभग 52 पहले उनके पिता और चाचा ने किराए की दुकान से की थी. उनके पिता चूड़ियों को बेचने के लिए जाते थे तो वहीं उनके चाचा दुकान संभालते थे. इस दुकान में लभगग दस हजार रुपए लगाए गए थे और काम चल रहा था. वहीं उनकी भी पढ़ाई चल रही थी और उन्होंने पुणे में एमबीए की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्हें एक कंपनी में नौकरी मिली, जिसमें लगभग 35 हजार रुपए सैलरी थी और वहां पर उन्हें सेलिंग का काम करना था, जिसको देखते हुए उनके मन में ख्याल आया कि अगर बेचना ही है तो क्यों ना अपनी ही फॉर्म को आगे बढ़ाया जाए और नौकरी छोड़कर वह पिताजी के पास चले आए. जहां उन्होंने छोटी सी दुकान को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की और इसे एक बड़ा रूप दिया. आज उनकी फर्म फिरोजाबाद ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान की सबसे बड़ी चूड़ियों की फॉर्म बन चुकी है. इतनी बड़ी संख्या में चूड़ियों का शोरूम पूरे हिंदुस्तान में कहीं पर भी नहीं है और हजारों रुपए से शुरू हुआ यह सफर करोड़ों तक पहुंच चुका है.
अंशुल गुप्ता ने कहा कि नौकरी छोड़कर आने के बाद उन्होंने अपने बिजनेस पर पूरा ध्यान लगाया और देखा कि इस बिजनेस को आगे कैसे बढ़ाया जाए. क्योंकि उस समय ग्राहकों से आर्डर लेना थोड़ा मुश्किल काम था. ग्राहकों की दुकानों पर जाकर आर्डर लिए जाते थे. लेकिन वही सोशल मीडिया का दौर शुरू हुआ और व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब के जरिए उन्हें अपने व्यापार को रफ्तार देने में मदद मिली. उन्होंने अपने यहां के आइटम को सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू किया और लोग उनसे जुड़ते चले गए. आज उनका व्यापार पूरे हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फैला हुआ है. उनके यहां की कांच की फैंसी चूड़ियां कनाडा, मलेशिया, दुबई, यूएस ही नहीं बल्कि लंदन भी जाती है. जिन देशों में भारतीय रह रहे हैं वहां भी उनके यहां से चूड़ियों को भेजा जाता है. इस व्यापार से उनका करोड़ों का टर्नओवर है.

