उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। पुलिस ने एक महिला और उसके दो बच्चों को राजस्थान से बरामद कर लिया है, जिनकी हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मामला पैकवालिया थान के पिकौरा गांव से जुड़ा हुआ है, जहां संदीप की शादी कप्तानगंज थान में पीलखांव गांव की रहने वाली प्रियंका से हुई थी।
संदीप और प्रियंका की 6 साल की एक बच्ची थी, लेकिन एक दिन अचानक प्रियंका बच्चे के साथ लापता हो गई। पति ने कप्तानगंज थाने पर अपने ससुराल वालों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर अपनी पत्नी और बच्चे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 4 नवम्बर 2024 को कोर्ट के आदेश पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन पुलिस की जांच में महिला और बच्चे का शव बरामद नहीं हुआ था।
पुलिस ने लगातार इस मामले की जांच की और जब महिला ने अपने आधार कार्ड पर नया मोबाइल नंबर अपडेट कराने की कोशिश की, तो पुलिस को एक अहम सुराग मिला। आधार अपडेट का मैसेज महिला के पति के मोबाइल पर आ गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की फिर जांच तेज कर दी। मोबाइल नंबर में आधार पर एक बैंक खाते का पता चला जो राजस्थान का था।
पुलिस की टीम राजस्थान गई और महिला और उसके दो बच्चों को जिंदा बरामद कर बस्ती ले आई। जबकि इनकी हत्या का मुकदमा थाने पर कोर्ट के आदेश पर दर्ज था। पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने पति के घर से भाग कर अयोध्या आई थी और वहां एक गाड़ी से दब कर मरने की कोशिश करने लगी थी। राजस्थान के ढकाली गांव का रहने वाला मंगल चंद ने उन्हें बचाया और वह मंगल के साथ राजस्थान चली गई।
एएसपी श्यामाकांत ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कप्तानगंज थाने पर पति की तरफ से अपने ससुराल वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि मामला हत्या का नहीं बल्कि आपसी विवाद के बाद घर छोड़ने का है। पुलिस लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रही थी और उसी दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग लगे। महिला ने जब अपने आधार पर नया मोबाइल नंबर अपडेट कराने की कोशिश की, तो उसके मैसेज से महिला को ट्रेस किया जाने लगा।
जांच में पता चला कि महिला राजस्थान के सीकर जिले में रह रही है। उस के बाद पुलिस की टीम राजस्थान गई और महिला और उसके दो बच्चों सकुशल बरामद किया गया। कोर्ट में महिला का बयान भी कराया गया है, मामले की जांच की जा रही है।

