गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक युवक ने खेती में नया प्रयोग कर ताइवान पिंक अमरूद की खेती शुरू की है. इस खास किस्म के अमरूद से उसे अच्छी आमदनी हो रही है और उसकी मेहनत अब लाखों के मुनाफे में बदल चुकी है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान युवक राजन मौर्य ने बताया कि ताइवान पिंक अमरूद की मांग बाजार में काफी ज्यादा है. इसका रंग गुलाबी, स्वाद मीठा और फल आकार में बड़ा होता है, जिससे यह आम अमरूद की तुलना में ज्यादा कीमत पर बिकता है. शुरुआत में उसने कम जमीन पर पौधे लगाए, लेकिन अच्छी पैदावार देखकर अब खेती का दायरा बढ़ा रहा है.
कहां से आया आइडिया
राजन मौर्य बताते हैं कि ताइवान पिंक अमरूद की खेती का आईडिया हमको हमारे बुआ जी के यहां से मिला. हमारे फूफा जी ताइवान सिंह अमरूद की बागवानी कर रहे थे. इसके बाद हमने भी इसकी खेती की शुरुआत की.
ताइवान पिंक अमरूद की खेती की लागत
राजन मौर्य बताते हैं कि लगभग दो एकड़ में ताइवान पिंक अमरूद की खेती कर रहे हैं. इसकी लागत लगभग एक से डेढ़ लाख रुपए आती है.
खेती की टेक्निक
राजन मौर्य बताते हैं कि पौधे से पौधे की दूरी 5 बाई 5 है और लाइन से लाइन की दूरी 6 बाय 6 है. उन्होंने बताया कि ताइवान पिंक अमरूद गोंडा के वातावरण में काफी अच्छे से सरवाइव कर रहा है.
कितने दिन बाद देता है फल
राजन मौर्य बताते हैं कि ताइवान पिंक अमरूद लगाने के लगभग 15 महीने बाद फल देना शुरू कर देता है. और सबसे बड़ी बात यह है कि में लागत एक बार लगती है और इनकम होता रहता है.
राजन मौर्य बताते हैं कि इस अमरूद की खेती में ड्रिप सिंचाई और जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लागत कम और उत्पादन अच्छा हो रहा है. फसल साल में दो बार तैयार होती है, जिससे नियमित आमदनी मिलती है. स्थानीय मंडियों के साथ-साथ बाहर के व्यापारी भी सीधे खेत से अमरूद खरीदने आ रहे हैं.
सालाना इनकम
राजन मौर्य बताते हैं कि ताइवान पिंक अमरूद की खेती से सालाना लगभग 1 से डेढ़ लाख रुपए का टर्नओवर हो रहा है. राजन का कहना है कि अगर सही जानकारी और मेहनत के साथ खेती की जाए तो किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.

