Last Updated:February 07, 2026, 18:44 ISTगाजियाबाद: टीला मोड़ थाना क्षेत्र के भारत सिटी सोसाइटी में मंगलवार देर रात तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान बच्चियों के परिवार से मिलने गाजियाबाद पहुंचीं और घटना की जांच और परिवार की लापरवाही पर गंभीरता से बात की.ख़बरें फटाफटगाजियाबाद. गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी में मंगलवार देर रात तीन नाबालिग बहनों की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान बच्चियों के परिवार से मिलने गाजियाबाद पहुंचीं और इस घटना को केवल ‘हादसा’ नहीं बल्कि परिवार की गंभीर लापरवाही का नतीजा बताया.
परिवार की भूमिका और लापरवाही पर उठे सवालमहिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि तीनों बच्चियों की एक साथ मौत बेहद दुखद है. बातचीत के दौरान यह सामने आया कि बच्चियों को कोरियन कलर, कोरियन स्टाइल और डिजिटल कंटेंट का अत्यधिक शौक था. बीते चार साल से वे इसी तरह की चीजों को फॉलो कर रही थीं, लेकिन परिवार को इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं था. उन्होंने परिवार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “घर छोटा है, परिवार बड़ा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर ही न रखी जाए.” जानकारी के अनुसार तीनों बच्चियां एक ही कमरे में सोती थीं और रात भर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती थीं.
ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया का बढ़ता खतराबबीता सिंह चौहान ने बताया कि आज के दौर में कई ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों को टास्क देते हैं, जो धीरे-धीरे उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देते हैं. उन्होंने पहले के उदाहरण भी साझा किए जहां बच्चों ने गेम्स के दबाव में खतरनाक कदम उठाए. विशेषज्ञों के अनुसार पब्जी जैसे गेम्स के दौरान बच्चे अपने माता-पिता के बैंक अकाउंट तक खाली कर चुके हैं. इस मामले में अंतर केवल इतना है कि तीन बच्चियों की जान एक साथ चली गई, जिससे यह घटना और भयावह बन गई.
माता-पिता की जिम्मेदारीमहिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी घटना बिना परिवार की लापरवाही के संभव नहीं थी. माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को समय पर समझाएं, उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सख्ती भी दिखाएं. उन्होंने कहा, “हमारे समाज में माता-पिता की बात को अहम माना जाता है, लेकिन बदलते समय में बच्चे बात नहीं मानते. अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके नतीजे बेहद भयावह हो सकते हैं.”
सरकार की पहल और चेतावनीमहिला आयोग ने बताया कि सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क न दिया जाए, ताकि वे पढ़ाई के बहाने मोबाइल में न उलझें. साथ ही, माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं, सोशल मीडिया की आदत को रोकें और मोबाइल से दूरी बनाए रखें.
समाज के लिए संदेशयह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है. बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर न रखने और समय पर सही मार्गदर्शन न देने के परिणाम कभी-कभी बेहद गंभीर और अकल्पनीय हो सकते हैं.About the AuthorMadhuri Chaudharyपिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ेंLocation :Ghaziabad,Uttar PradeshFirst Published :February 07, 2026, 18:38 ISThomeuttar-pradeshतीन मासूमों की मौत पर हड़कंप, यूपी महिला आयोग अध्यक्ष का चौंकाने वाला बयान

