Uttar Pradesh

सुल्तानपुर का ‘बोलता कुआं’… दियरा राजवंश की वो जादुई धरोहर, जहां 10 फीट दूर से ही गूंजती है आवाज

Last Updated:February 04, 2026, 21:41 ISTSultanpur Local News: सुल्तानपुर में एक ऐसा कुआं है, जो आज भी विज्ञान और इतिहास को चुनौती देता है. दियरा राजवंश के राजाओं द्वारा बनवाए गए इस 150 साल पुराने कुएं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे 10 फीट दूर खड़े होकर भी अगर आप कुछ बोलेंगे, तो आपकी आवाज नीचे से वापस गूंजकर आएगी. 120 फीट गहरे इस ऐतिहासिक कुएं का इतिहास जितना गौरवशाली है, इसकी वर्तमान हालत उतनी ही दयनीय है. ईंटों की मजबूती और बनावट ऐसी कि आज भी पानी लबालब है, लेकिन देखरेख के अभाव में यह धरोहर दम तोड़ रही है. जानिए इस ‘बोलते कुएं’ का पूरा रहस्य.सुल्तानपुर: कुआं कभी भारतीय गांवों की शान और खेती-बाड़ी का सबसे बड़ा सहारा हुआ करता था. लोगों की प्यास बुझाने से लेकर खेतों की सिंचाई तक, सब कुछ कुओं पर ही निर्भर था. लेकिन बदलते दौर और आधुनिक संसाधनों की भीड़ में ये कुएं अब धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक ऐसा ही ऐतिहासिक कुआं मौजूद है, जो अपनी अनोखी बनावट और रहस्य के लिए जाना जाता है. दियरा ग्राम सभा में स्थित यह कुआं करीब डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा पुराना है.

दियरा राजघराने से जुड़ा है इतिहास
सुल्तानपुर जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर दियरा ग्राम सभा में दियरा राजा का एक भव्य महल है. इस महल के ठीक सामने यह विशाल और गहरा कुआं बना हुआ है. इस कुएं का निर्माण दियरा के राजा रुद्र प्रताप शाही ने करवाया था. राजा द्वारा बनवाए जाने के कारण इसमें इस्तेमाल की गई ईंटें और निर्माण सामग्री बेहद खास और मजबूत है. कुएं की गहराई लगभग 120 फीट है और ताज्जुब की बात यह है कि आज भी इसमें पानी मौजूद है.

10 फीट दूर से ही लौटकर आती है आवाजइस कुएं की सबसे हैरान कर देने वाली खासियत इसकी ‘इको’ यानी गूंजने वाली आवाज है. गांव के रहने वाले बुजुर्ग जितेंद्र मिश्र बताते हैं कि आमतौर पर किसी कुएं के अंदर आवाज सुनने के लिए उसके बिल्कुल मुहाने (किनारे) पर खड़ा होना पड़ता है. लेकिन दियरा राजघराने के इस कुएं का विज्ञान अलग ही है. इस कुएं के पास अगर आप 10 फीट की दूरी पर भी खड़े होकर कुछ बोलते हैं, तो कुएं के अंदर से आपकी आवाज दोबारा लौटकर वापस आती है. आवाज का इस तरह गूंजना और दूर से ही सुनाई देना इस ऐतिहासिक धरोहर को जादुई बना देता है.

देखरेख के अभाव में खंडहर हो रहा गौरवभले ही यह कुआं सुल्तानपुर के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा हो, लेकिन आज इसकी हालत काफी खराब है. देखरेख और संरक्षण न होने के कारण कुएं का ऊपरी ढांचा खंडहर में तब्दील हो रहा है. कुएं का चबूतरा टूट चुका है और इसके चारों पिलर भी अब धीरे-धीरे गिर रहे हैं. ढाई सौ साल पुराने इस ऐतिहासिक महत्व वाले कुएं की ऐसी हालत देखकर ग्रामीण काफी दुखी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इस पर ध्यान दे, तो यह स्थान एक बेहतरीन पर्यटन केंद्र बन सकता है.यह कुआं केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि उस दौर की इंजीनियरिंग और राजसी ठाट-बाट का गवाह है, जिसे बचाना बेहद जरूरी है.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :February 04, 2026, 21:41 ISThomeuttar-pradeshदियरा राजवंश की वो जादुई धरोहर, जहां 10 फीट दूर से ही गूंजती है आवाज

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