Uttar Pradesh

Noida News: ट्विन टावर मामले में जांच तेज, नोएडा अथॉरिटी पहुंची विजिलेंस की टीम, 37 अधिकारियों पर एक्शन की तैयारी

नोएडा :  सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद बहुचर्चित ट्विन टावर मामले में एक बार फिर जांच तेज हो गई है. मंगलवार को विजिलेंस विभाग की टीम नोएडा अथॉरिटी पहुंची, जहां करीब 5 घंटे तक जांच की गई. विजिलेंस की यह कार्रवाई संकेत दे रही है कि मामला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है.

विजिलेंस टीम ने खंगाले अहम रिकॉर्ड

सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस टीम ट्विन टावर से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गई है. इन दस्तावेजों के आधार पर यह जांच की जा रही है कि किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका नियमों के उल्लंघन में रही. जांच का फोकस बिल्डिंग प्लान पास करने, नियमों में छूट देने और अवैध निर्माण को संरक्षण देने जैसे बिंदुओं पर है.

37 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी

जानकारी के अनुसार, शासन स्तर पर 37 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है. इनमें नोएडा अथॉरिटी के कई मौजूदा और पूर्व अधिकारी शामिल हैं. जांच पूरी होने के बाद निलंबन, विभागीय कार्रवाई और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश

गौरतलब है कि 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे. अदालत ने इसे नियमों की खुली अवहेलना और भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण माना था.

इन बड़े अफसरों के नाम जांच में शामिल

मामले में नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ मोनिंदर सिंह, एस.के. द्विवेदी, ओएसडी यशपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं. इनके अलावा कई जूनियर अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

पहले से दर्ज है नामजद मुकदमा

ट्विन टावर मामले में पहले ही नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इस एफआईआर में नोएडा अथॉरिटी के 24 अधिकारी, सुपरटेक ग्रुप के 4 निदेशक और 2 आर्किटेक्ट शामिल हैं.

अब विजिलेंस जांच के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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