UP Weather Live: उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों में राजधानी लखनऊ के साथ कानपुर, वाराणसी सहित कई जिलों में बारिश हुई. बारिश के बाद यूपी में फिर तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी.काले बादलों ने अब यूपी से विदाई ली है, लेकिन कोहरे वाले दिन फिर प्रदेश में लौट आए हैं. भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 फरवरी (बुधवार) को प्रदेश के कई जिलों में सुबह के वक्त कोहरे की चादर तनी रहेगी. अनुमान है कि अगले 24 घंटे में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की कमी भी आएगी.राजधानी लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार ( 4 फरवरी) को पश्चिमी यूपी के साथ पूर्वी यूपी के के कई जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिलेगा. प्रदेश के 22 जिलों में कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया शामिल है. यहां 100 से 500 मीटर की दृश्यता वाला घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है.
24 घंटे बाद शुरू होगा तेज हवाओं का दौरवहीं अगले 24 घंटे बाद फिर यूपी में मौसम यूटर्न लेगा. इस दौरान पश्चिमी यूपी के कई जिलों में फिर 15 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी. यह दौर अगले दो दिनों तक बना रहेगा.
इन जिलों में आसमान होगा साफमौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशाम्बी, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली में आसमान साफ होगा.
लखनऊ में आज मौसम होगा साफ
राजधानी लखनऊ में बुधवार को आसमान साफ रहेगा. आज यहां न्यूनतम तापमान 11 और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस के करीब होगा. वहीं 48 घंटे बाद लखनऊ में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी. बात दिल्ली से सटे नोएडा की करें तो आज वहां मौसम सामान्य होगा. हालांकि सुबह के समय यहां हल्का कोहरा भी नजर आएगा. अनुमान है नोएडा में आज न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस होगा.
कई वेदर सिस्टम एक्टिव
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पंजाब और उससे सटे हरियाणा के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. वहीं 5 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. जिसके कारण लगातार मौसम में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी.

