Uttar Pradesh

मुरादाबाद में तैयार हो रही बजरंगबली की अनोखी मूर्ति, विदेशों तक हो रही डिमांड, जानिए खासियत

Last Updated:February 03, 2026, 12:00 ISTMoradabad News: मुरादाबाद की पीतल नगरी में बजरंगबली हनुमान की मूर्तियों की मांग देश-विदेश में बढ़ रही है. 3 इंच से 6 फीट तक की मूर्तियाँ तैयार की जाती हैं, जिन पर बारीक नकाशी और एंटीक डिज़ाइन होती है. लोग इन्हें पूजा, सजावट और कार्यालय में लगाने के लिए खरीदते हैं. खासकर सिंगल हनुमान मूर्तियों की डिमांड ज्यादा है. कीमत 1,000 रुपए से शुरू होती है. विदेशों में भी सनातन धर्म से जुड़े लोग इन मूर्तियों को पसंद कर रहे हैं.पीतल नगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद अपने पीतल उत्पादों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पाद न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जाते हैं. मुरादाबाद में पीतल की विभिन्न वस्तुएँ जैसे बर्तन, सजावटी सामान और धार्मिक मूर्तियाँ बड़ी संख्या में तैयार होती हैं. इनमें बजरंगबली हनुमान की मूर्तियां खास आकर्षण का केंद्र बन चुकी हैं.

हनुमान जी की मूर्तियों की बढ़ती मांगदुकानदार राघव खन्ना के अनुसार हनुमान जी की मूर्तियों की मांग हमेशा से बनी रहती है, लेकिन इन दिनों एंटीक और बारीक डिजाइन वाली मूर्तियों की डिमांड में खासा इजाफा हुआ है. राम दरबार में हनुमान जी को विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए लोग न केवल राम दरबार के साथ बल्कि अकेली हनुमान जी की मूर्ति भी खरीदना पसंद कर रहे हैं. इन मूर्तियों पर बारीक नकाशी और आकर्षक डिजाइन इसे और भी खास बनाते हैं.

मूर्ति का आकार और उपयोगहनुमान जी की मूर्तियां खास आकर्षण का केंद्र बन चुकी हैं. 3 इंच से लेकर 6 फीट तक के आकार में तैयार की जाती हैं. छोटे आकार की मूर्तियां घर की पूजा के लिए खरीदी जाती हैं, जबकि बड़ी मूर्तियाँ मंदिर, कार्यालय या सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाती हैं. मूर्तियों की डिजाइन और आकर्षण के कारण लोग इन्हें सजावट और धार्मिक उद्देश्यों के लिए भी खरीदते हैं.

देश और विदेश में डिमांडपीतल नगरी से तैयार हनुमान मूर्तियों की मांग देशभर में रहती है. इसके अलावा विदेशों में भी सनातन धर्म से जुड़े लोग इन मूर्तियों को बड़े शौक से खरीदते हैं. विदेशों में रहने वाले भारतीय और हिंदू समुदाय के लोग भी इन मूर्तियों को पूजा और सजावट के लिए खरीद रहे हैं.

कीमत और बजट के अनुसार विकल्पहनुमान जी की मूर्तियों की कीमत 1,000 रुपए से शुरू होती है और साइज, डिजाइन तथा बारीक नकाशी के अनुसार कीमत बढ़ती है. इस प्रकार हर व्यक्ति अपने बजट के अनुसार मूर्ति खरीद सकता है.

मुरादाबाद की पीतल की इस कला ने न केवल शहर की पहचान बढ़ाई है बल्कि धार्मिक और सजावटी बाजार में भी अपना एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है. हनुमान जी की मूर्तियाँ आज देश-विदेश में पीतल नगरी मुरादाबाद की कला और craftsmanship की मिसाल बन चुकी हैं.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Moradabad,Uttar PradeshFirst Published :February 03, 2026, 12:00 ISThomeuttar-pradeshमुरादाबाद में तैयार हो रही बजरंगबली की अनोखी मूर्ति, विदेशों तक हो रही डिमांड

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