Uttar Pradesh

10 हजार रुपए किलो घी…भेड़ पालकर मालामाल बना यूपी का निखिल, लाखों में हो रही कमाई, दिल्ली-मुंबई तक है डिमांड

Last Updated:February 02, 2026, 11:41 ISTSheep Farming: रामपुर के दिलपुरा गांव निवासी निखिल ने देसी भेड़पालन को मुनाफे का व्यवसाय बना लिया है. वे करीब 60 देसी भेड़ पाल रहे हैं, जिन पर खर्च बेहद कम आता है. भेड़ें हर पांच महीने में बच्चा देती हैं और सिर्फ हरी घास पर पलती हैं. निखिल हर छह महीने में बच्चों की बिक्री से अच्छी कमाई करते हैं. साथ ही देसी भेड़ों से निकला घी भी महंगे दामों पर बिकता है.रामपुर: रामपुर जिले के दिलपुरा गांव के रहने वाले निखिल ने देसी भेड़पालन को ऐसा काम बना लिया है, जो आज उनके लिए पूरी तरह से मुनाफे का बिजनेस बन चुका है. निखिल इस समय करीब 60 देसी भेड़ पाल रहे हैं. खास बात यह है कि इन भेड़ों पर न तो ज्यादा खर्च आता है और न ही किसी तरह का झंझट. निखिल बताते हैं कि उनकी भेड़ें हर पांच महीने में बच्चा देती हैं, जिससे संख्या तेजी से बढ़ती है और आमदनी भी लगातार बढ़ती रहती है.

निखिल की भेड़ों की एक बड़ी खासियत यह है कि इन्हें अलग से दाना या महंगा चारा नहीं देना पड़ता. ये पूरी तरह से हरी घास पर ही पल जाती हैं. निखिल रोज सुबह करीब 11 बजे अपनी भेड़ों को जंगल की तरफ चराने ले जाते हैं और शाम करीब 4 बजे वापस ले आते हैं और भेड़ें जंगल में हरी घास खाकर अपना पेट भर लेती हैं.

निखिल बताते हैं कि हर छह महीने में वह करीब 20 बच्चों को बेच देते हैं. एक देसी भेड़ 10 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक में आसानी से बिक जाती है. इस हिसाब से देखें तो सिर्फ बच्चों की बिक्री से ही अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है. खास बात यह है कि खरीदारों की उन्हें तलाश नहीं करनी पड़ती, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से लोग खुद उनके गांव दिलपुरा पहुंच जाते हैं.

भेड़पालन से निखिल को सिर्फ बच्चों की बिक्री से ही फायदा नहीं होता, बल्कि वह भेड़ों से घी भी निकालते हैं. निखिल बताते हैं कि देसी भेड़ों से निकाला गया घी काफी फायदेमंद माना जाता है और लोग इसे दवाइयों में भी इस्तेमाल करते हैं. यही वजह है कि इस घी की डिमांड हमेशा बनी रहती है. निखिल का कहना है कि उनका घी 10 हजार रुपये किलो तक बिक जाता है और लोग खुद उनके घर आकर घी ले जाते हैं.

निखिल कहते हैं कि उन्होंने कभी पराई नौकरी पर भरोसा नहीं किया उनका मानना है कि नौकरी में आदमी बंध जाता है, जबकि खुद का काम आदमी को आजादी देता है. भेड़पालन उनका खुद का बिजनेस है, जिसमें वह अपने समय के हिसाब से काम करते हैं और मुनाफा भी अच्छा कमा रहे हैं.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Rampur,Uttar PradeshFirst Published :February 02, 2026, 11:41 ISThomeagricultureभेड़ पालकर मालामाल बना यूपी का निखिल, लाखों में हो रही कमाई

Source link

You Missed

Top StoriesMar 26, 2026

Man Gets 10 Yrs RI In Murder Case

The VI Additional District and Sessions Judge’s Court, Rangaeddy, Kukatpally, sentenced a man to 10 years of reigorous…

Scroll to Top