Uttar Pradesh

माल्चिंग विधि से किसान 10 वर्षों से कर रहा सहफसली खेती, गोभी और हरी मिर्च से लाखों में कमाई

Last Updated:February 01, 2026, 17:11 ISTAgri tips: सेहरूआ गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान समालुद्दीन ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि हम करीब 10 वर्षों से लगातार सब्जी की खेती कर रहे हैं सब्जी की खेती करने से हमें अच्छा खासा मुनाफा हुआ है. परंतु इस बार हमने सह फसली खेती करने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया उसके बाद हमने गोभी के साथ हरी मिर्च की खेती की है.ख़बरें फटाफटलखीमपुरः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अब कम लागत में अधिक मुनाफा सब्जी की खेती से कम रहे हैं. धान गेहूं जैसी परंपरागत फसलों के साथ किसान अब लगातार नगदी फसल की ओर रूख कर रहे हैं जिससे अच्छा खासा मुनाफा होता है.

ऐसे में किसान सर्दियों के मौसम में डबल मुनाफा कमाने लगे हैं. सहफसली खेती कर किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. किसान ने जानकारी देते हुए लोकल18 से बताया कि इस समय हम फूल गोभी के साथ हरी मिर्च की खेती कर रहे हैं. फूलगोभी फरवरी के महीने में समाप्त हो जाएगी उसके बाद हमें हरी मिर्च से पैसा मिलने लगेगा. बाजारों में हरी मिर्च और गोभी की डिमांड अधिक रहती है. जिस कारण कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.

10 वर्षों से किसान कर रहे सब्जी की खेती

खीरी जिले के सेहरूआ गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान समालुद्दीन ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि हम करीब 10 वर्षों से लगातार सब्जी की खेती कर रहे हैं सब्जी की खेती करने से हमें अच्छा खासा मुनाफा हुआ है परंतु इस बार हमने सह फसली खेती करने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया उसके बाद हमने गोभी के साथ हरी मिर्च की खेती की है.

इस समय हम मिर्च के साथ फूलगोभी करीब 2.5 बीघा में कर रहे हैं बाजारों में अगर गोभी की बात की जाए तो₹30 से लेकर ₹40 प्रति किलो के हिसाब से इस बार गोभी की बिक्री हुई है जिस कारण अच्छा खासा मुनाफा हमने कमाया है. अगर लागत की बात की जाए तो हरी मिर्च की खेती करने के लिए करीब 5 हजार रुपए का खर्च आया है अगर मुनाफे की बात की जाए तो 60 से ₹70000 आसानी से कमाया जा सकता है.

खेती में अपनाते हैं ये विधि

किसान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समय मल्चिंग विधि से सब्जी की खेती करने से दो फायदे होते हैं. खरपतवार की समस्या से छुटकारा मिल जाता है. पानी की बचत होती है. मल्चिंग से पौधे को संतुलित तापमान और नमी मिलती है जिससे गोभी की गुणवत्ता और हरी मिर्च की पैदावार में वृद्धि होती है.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Lakhimpur,Kheri,Uttar PradeshFirst Published :February 01, 2026, 17:11 ISThomeuttar-pradeshमाल्चिंग विधि से किसान 10 वर्षों से कर रहा सहफसली खेती

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