Last Updated:January 31, 2026, 21:32 ISTबरकछा के वासुदेव गुलाब जामुन की मिठास का आनंद लेना किसी सपने से कम नहीं. शुद्ध गाय के खोए और देशी तरीके से लकड़ी व उपली पर तैयार किए गए ये गुलाब जामुन इतने मुलायम हैं कि एक काटते ही घुल जाते हैं. 50 सालों से अपने अनोखे स्वाद के कारण लोग दूर-दूर से यहां आते हैं—चाहे नेता हों या आम लोग. हर बाइट में स्वाद और खुशबू का ऐसा संगम कि कोई भी इसे भूल न पाए.ख़बरें फटाफटमिर्जापुर. गुलाब जामुन का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, अगर गुलाब जामुन किसी फेमस दुकान का हो तो क्या ही कहना. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के बरकछा में स्थित वासुदेव के गुलाब जामुन अपने स्वाद की वजह से प्रसिद्ध हैं. स्वाद ऐसा है कि खाने के बाद जी करता है कि खाते ही रहो. गुलाब जामुन में शुद्ध खोया और देशी तरीके से लकड़ी और उपली पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यहां के गुलाब जामुन का स्वाद लेने के लिए कई प्रांतों से लोग आते हैं. नेता हों या अधिकारी, यहां से गुजरते समय गुलाब जामुन का टेस्ट लिए बिना नहीं जाते.
वासुदेव गुलाब जामुन के दुकानदार रोहित कुमार गुप्ता ने लोकल 18 से बताया कि गुलाब जामुन बनाने के लिए गाय के खोए और मैदा का प्रयोग होता है. इसे मुलायम रखने के लिए हल्का खाने वाला सोडा मिलाया जाता है, चीनी और पानी की मदद से इसकी चाशनी तैयार की जाती है, जिसमें डुबोने के बाद स्वादिष्ट गुलाब जामुन बनकर तैयार होता है. करीब 50 वर्षों से इसी तरह से गुलाब जामुन बनाए जा रहे हैं. अब स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, बारिश के दिनों में इसकी खूब मांग रहती है. यह 12 रुपये का एक पीस और 140 रुपये किलो के दर से बिक्री किया जाता है. यहां के गुलाब जामुन की खासियत यह है कि आप इसे उठाकर खा नहीं सकते, इतना मुलायम होता है. यही बरकछा के गुलाब जामुन की पहचान है.
दिल्ली से आकर ले रहे हैं स्वाद का आनंद
दिल्ली से आए ग्राहक विजय पांडेय ने बताया कि मेरे पिताजी मुझे यहां गुलाब जामुन खाने के लिए लेकर आते थे. अब मैं अपने बच्चों को लेकर यहां आया हूं और गर्मा-गर्म गुलाब जामुन का स्वाद लूंगा. यहां के गुलाब जामुन का स्वाद जबरदस्त रहता है, कई महानगरों में घूम चुका हूं, लेकिन ऐसा स्वाद नहीं मिला. मैंने यहां का गुलाब जामुन लेकर गिफ्ट में भी दिया है. उनका भी कहना है कि गुलाब जामुन तो कई जगह खाए हैं, लेकिन ऐसा स्वाद कहीं और के गुलाब जामुन में नहीं मिला. टेस्ट ही बरकछा के गुलाब जामुन की पहचान है.About the AuthorMonali PaulHello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ेंLocation :Mirzapur,Uttar PradeshFirst Published :January 31, 2026, 21:32 ISThomelifestyleस्वाद ऐसा कि भूल न पाएं, बरकछा के वासुदेव गुलाब जामुन

