Last Updated:January 30, 2026, 23:28 ISTहाईकोर्ट ने पीजीआई थाने की सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर प्रमुख सचिव गृह से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि मामले में सीसीटीवी फुटेज न मिलने में तकनीकी गड़बड़ी का बहाना नहीं चलेगा. एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान पीजीआई थाने के सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर हाईकोर्ट सख़्त टिप्पणी की है.इलाहाबाद हाईकोर्ट.लखनऊः हाईकोर्ट ने पीजीआई थाने की सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर प्रमुख सचिव गृह से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि मामले में सीसीटीवी फुटेज न मिलने में तकनीकी गड़बड़ी का बहाना नहीं चलेगा. एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान पीजीआई थाने के सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर हाईकोर्ट सख़्त टिप्पणी की है. याचिका में आरोप है कि विवेक सिंह को 7 नवंबर 2025 को लखनऊ की पीजीआई पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया था. याचिका के मुताबिक पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज से हिरासत की स्थिति साफ हो सकती है. याचिका के जवाब में पुलिस कमिश्नर की ओर से दाखिल व्यक्तिगत हलफनामे में सीसीटीवी फुटेज न होने के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया गया.
हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और स्वयं डीजीपी के सर्कुलर के मुताबिक थानों में सीसीटीवी फुटेज को तय अवधि तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है. पुलिस कमिश्नर के हलफनामे से साफ नहीं है कि सीसीटीवी सिस्टम कब से खराब हुआ और बैकअप की व्यवस्था क्यों नहीं थी. इसके अलावा हाईकोर्ट ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. मामले में अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी.
यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन व न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने विवेक सिंह के पिता द्वारा दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है. याचिका में आरोप लगाया है कि विवेक सिंह को साल 2025 में सात नवंबर को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था. याचिका में कहा गया कि पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज से हिरासत की स्थिति स्पष्ट हो सकती है. याचिका के जवाब में पुलिस आयुक्त द्वारा दाखिल व्यक्तिगत हलफनामे में सीसीटीवी फुटेज नहीं होने के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया गया. अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और स्वयं पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार थानों के लिए सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है.
About the AuthorPrashant Raiप्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ेंLocation :Lucknow,Uttar PradeshFirst Published :January 30, 2026, 23:23 ISThomeuttar-pradeshबहाना नहीं चलेगा… इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह प्रमुख सचिव को लगाई फटकार

