Uttar Pradesh

UP Politics: 2027 में किसे मिलेगा टिकट, किसका पत्ता होगा साफ, बीजेपी करवाएगी अपने विधायकों का दूसरा सर्वे, जानिए क्या है पूरी रणनीति

Last Updated:January 30, 2026, 11:17 ISTUP Politics: 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट देने के उद्देश्य से बीजेपी अब दूसरा सुरव्य शुरू करवाएगी. पहले सर्वे और दूसरे सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही मौजूदा विधायकों की किस्मत का फैसला होगा. दूसरे चरण का सर्वे 4 फ़रवरी से शुरू होगा. जिस विधायक की रिपोर्ट निगेटिव होगी उसका यिक्त काटना तय माना जा रहा है. ख़बरें फटाफटबीजेपी अपने विधायकों का करवाएगी सर्वे लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायकों की परफॉर्मेंस और संभावित प्रत्याशियों का आंकलन करने के लिए दूसरे चरण का सर्वे फरवरी के दूसरे या तीसरे हफ्ते से शुरू करने का फैसला किया है. यह सर्वे एक अलग कंपनी द्वारा कराया जाएगा, जबकि पहले चरण की रिपोर्ट पहले से ही उपलब्ध है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कराएगी, भले ही वर्तमान में पार्टी के पास 258 विधायक ही हों. इसमें सहयोगी दलों- राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), सुभासपा, अपना दल (एस) और निषाद पार्टी- के हिस्से वाली सीटें भी शामिल होंगी. दोनों कंपनियों की रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा ताकि फील्ड से सटीक और निष्पक्ष जानकारी मिल सके.

सर्वे का मकसद
दो अलग-अलग एजेंसियों से सर्वे कराने का मकसद यह है कि एक ही कंपनी की रिपोर्ट पक्षपाती या एकतरफा न हो. दोनों रिपोर्टों की तुलना से यह स्पष्ट होगा कि सर्वे कितनी गहराई से किया गया है और किसी एक विधायक या दावेदार का पक्ष हावी नहीं रहेगा. सर्वेयर जिले में भाजपा के छोटे पदाधिकारियों, आरएसएस कार्यकर्ताओं से भी संपर्क करेंगे. सर्वे का तरीका काफी व्यापक होगा. सर्वेयर फील्ड में जाकर सार्वजनिक स्थानों पर आम जनता से बातचीत शुरू करेंगे. वे चुनावी मुद्दों पर चर्चा करते हुए धीरे-धीरे मौजूदा भाजपा विधायक या पिछले चुनाव में हारे प्रत्याशी की छवि के बारे में जानेंगे. हर विधानसभा क्षेत्र में जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, 2022 और 2024 के विस्तारक कार्यकर्ता, दुकानदार, छोटे सामाजिक संगठनों के लोग, वकील, डॉक्टर, शिक्षक, युवा और महिलाओं से फीडबैक लिया जाएगा.

सर्वे में होंगे ये सवाल
सर्वे में मुख्य सवाल ये होंगे- विधायक की जनता के बीच छवि कैसी है? क्या वे जनता के बीच रहते हैं और उनकी बात सुनते हैं? बीते चार साल में कितने विकास कार्य कराए गए? विधायक की अपनी जाति या पार्टी कार्यकर्ताओं में छवि क्या है? कोई बड़ा विवाद या भ्रष्टाचार का आरोप लगा है? यदि मौजूदा विधायक को टिकट दिया जाए तो क्या वे जीत सकते हैं? यदि नहीं, तो वैकल्पिक उम्मीदवार कौन हो सकता है?

निगेटिव रिपोर्ट पर कटेगा टिकट
भाजपा के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि जहां निगेटिव रिपोर्ट आएगी, वहां टिकट कटना लगभग तय माना जा सकता है. प्रत्याशी चयन में दोनों कंपनियों की रिपोर्ट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. गौरतलब है कि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जार्विस और एबीएम जैसी कंपनियों से सर्वे कराया था. दोनों की रिपोर्ट के आधार पर ही पार्टी ने 403 में से 165 सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया और 120 से अधिक विधायकों के टिकट काटे गए थे.यह कदम भाजपा की रणनीति को दर्शाता है कि वह 2027 में भी मजबूत प्रदर्शन के लिए पहले से तैयारी में जुटी है. सर्वे रिपोर्ट से पार्टी को स्पष्ट तस्वीर मिलेगी कि किन सीटों पर बदलाव जरूरी है और कहां मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया जा सकता है.About the AuthorAmit Tiwariवरिष्ठ संवाददाताअमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ेंLocation :Lucknow,Uttar PradeshFirst Published :January 30, 2026, 11:17 ISThomeuttar-pradesh2027 में किसे मिलेगा टिकट, किसका पत्ता होगा साफ, BJP करवाएगी विधायकों का सर्वे

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