Uttar Pradesh

सैकड़ों साल पुराना है सुल्तानपुर का यह मंदिर, यहां मुगलों ने किया था हमला, आज भी मौजूद हैं साक्ष्य

Last Updated:January 30, 2026, 09:24 ISTSultanpur News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित माता परमेश्वरी धाम एक प्राचीन मंदिर है. मुगल काल में मंदिर को क्षति पहुंचाई गई, जिसकी गवाही आज भी खंडित मूर्तियां देती हैं. तालाब की खुदाई में आज भी प्राचीन मूर्तियां मिलने की बात स्थानीय लोग बताते हैं.भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनको तोड़ने का काम मुगल राजाओं ने किया. उसी में एक मंदिर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में भी है. जिसे माता परमेश्वरी धाम के नाम से जाना जाता है. आज भी यहां पर खंडित मूर्तियां हैं. यह मंदिर काफी पुराना है. वर्तमान में खंडिता मूर्तियां इस मंदिर प्रांगण में आज मौजूद हैं. ऐसे में इस मंदिर का क्या है इतिहास. आइए हम आपको बताते हैं. यह मंदिर सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर महमूदपुर ग्राम सभा में स्थित है. मंदिर प्रांगण में जब आप पहुंचेंगे तो आपको सकारात्मक ऊर्जा महसूस होने लगेगी. ऐसे में आइए हम जानते हैं क्या है इस मंदिर का इतिहास.

यह है इस मंदिर का इतिहास मंदिर के पुजारी प्रभाकर दास जी महाराज लोकल 18 से बताते हैं कि यह मंदिर प्राचीन काल का है. उनका मानना है कि मां दुर्गा के 108 नाम में 104 नंबर पर परमेश्वरी देवी का नाम आता है.यहां पर खंडित मूर्तियां इस बात की प्रमाण हैं कि इस मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है. मंदिर का बाहरी आवरण 1914 में पुनर्निर्माण के दौरान बनाया गया था.

मुगलों की प्रताड़ना का हुआ शिकार स्थानीय लोग बताते हैं कि यह प्राचीन मंदिर हुआ करता था. यहां पर कई देवी देवताओं की मूर्तियां थी, लेकिन मुगल काल के दौरान मुगल शासकों द्वारा भारत के कई मंदिरों को तोड़ा गया. उसी में एक माता परमेश्वरी धाम भी था. यहां पर स्थापित की गई मूर्तियां खंडित करके मुगल शासकों ने बगल के तालाब में फेंक दिया था.

आज भी मिलती हैं खंडित मूर्तियां माता परमेश्वरी धाम मंदिर के ठीक बगल में एक तालाब है. तालाब की जब खुदाई हो रही थी. तब इस तालाब से खंडित कई मूर्तियां मिली थी. स्थानीय लोग बताते हैं कि इस तालाब की खुदाई जब होती है तो आज भी कोई न कोई मूर्ति जरूर मिलती है. इन खंडित मूर्तियों की प्राचीनता को इसी बात से आंका जा सकता है कि इसमें बनी नकाशियां और देवी देवताओं की आकृतियां कई सौ वर्ष पुरानी हैं.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 30, 2026, 09:24 ISThomeuttar-pradeshसैकड़ों साल पुराना है सुल्तानपुर का यह मंदिर, यहां मुगलों ने किया था हमला

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