Uttar Pradesh

मुगलों की नहीं, एक ‘मनसबदार’ की विरासत है जलालनगर, जानिए वो किस्सा जो शाहजहांपुर को बनाता है ‘नवाबों की नगरी’

Last Updated:January 24, 2026, 21:09 ISTShahjahanpur Jalalnagar History: शाहजहांपुर का जलालनगर मोहल्ला अपने ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. मुगल काल से जुड़ा यह इलाका नवाबों और स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों का साक्षी रहा है. आज भी जलालनगर अपनी गलियों, बाजार और ऐतिहासिक स्मारकों के साथ शहर की पहचान बनाए हुए है.शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश का शाहजहांपुर जिला अपनी वीरता और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. मुगल काल के दौरान स्थापित यह शहर न केवल नवाबों की नगरी रहा है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों की जन्मस्थली भी है. इसी शहर का एक प्रमुख हिस्सा है ‘जलालनगर’, जो अपनी प्राचीनता और खास बनावट के लिए पहचाना जाता है. जलालनगर का इतिहास सीधे तौर पर मुगल साम्राज्य के उस दौर से जुड़ा है जब शाहजहांपुर एक महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र के रूप में उभर रहा था. आज भी इस मोहल्ले की गलियां और यहां स्थित ऐतिहासिक स्मारक उस दौर की भव्यता और गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं.

जलालनगर मोहल्ले की स्थापना कैसे हुई?इतिहासकार डॉ. विकास खुराना ने बताया कि जलालनगर मोहल्ले की स्थापना मुगल काल के पराक्रमी मनसबदार नवाब दिलेर खान ने की थी. डॉ. खुराना बताते हैं कि नवाब दिलेर खान का वास्तविक नाम जलाल खान था और उन्हीं के नाम पर इस क्षेत्र का नाम ‘जलालनगर’ पड़ा. दिलेर खान इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व रहे हैं, जिनकी भूमिका पुरंदर की संधि और शिवाजी महाराज से जुड़े घटनाक्रमों में प्रमुख थी. उनके योगदान और रसूख के कारण ही इस क्षेत्र को तीन भागों, एमनजई जलालनगर, तारीन जलालनगर और जलालनगर मुख्य में विभाजित किया गया, जो आज भी शाहजहांपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं.

जलालनगर का महत्व और वर्तमान स्वरूपजलालनगर केवल एक मोहल्ला नहीं, बल्कि शाहजहांपुर की साझा विरासत का प्रतीक है. एमनजई जलालनगर का क्षेत्र आज भी खास है क्योंकि यहां महान क्रांतिकारी अशफ़ाक उल्ला खान की मजार स्थित है, जहां हर साल देशप्रेमी श्रद्धासुमन अर्पित करने आते हैं. समय के साथ, इस ऐतिहासिक क्षेत्र का व्यावसायिक महत्व भी बढ़ा है. यहां के मुख्य बाजार वाले हिस्से को अब स्थानीय रूप से ‘बजरिया’ के नाम से जाना जाता है, जो शहर के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध बाजारों में से एक बन चुका है. अपनी ऐतिहासिक जड़ों को समेटे हुए यह क्षेत्र आज भी परंपरा और आधुनिकता का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करता है.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 24, 2026, 21:09 ISThomeuttar-pradeshमुगलों की नहीं, एक ‘मनसबदार’ की विरासत है शाहजहांपुर का जलालनगर, जानें कहानी

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