Uttar Pradesh

10KM तक कार में फंसा शख्स घिसटता चला गया, लोगों ने देख रुकवाई गाड़ी, तबतक हो चुकी थी देरी

बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में शुक्रवार को एक बड़ा दिल दहलाने वाला मामला सामने आया. यहां एक कार के नीचे शव घसीटता हुआ दिखाई देने पर हड़कंप मच गया था. चलती कार के नीचे जब राहगीरों ने शव देखा तो कार को रुकवाया. इसके बाद सदर पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखवा दिया. बाद में मृतक की पहचान कर ली गई. अब भाई की शिकायत पर जांच पड़ताल चल रही है. पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. दरअसल, मरने वाले शख्स की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. मगर, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये पूरी घटना हुई कैसे. हालांकि, कार सवार ने इसे एक्सीडेंट ही बताया है. उसका कहना है कि उसे नहीं पता चला कि शख्स कब कार के नीचे आ गया.

शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालपुल चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक चलती कार के नीचे एक व्यक्ति का शव घसीटता हुआ पहुंचा. हैरानी की बात यह रही कि कार चालक को काफी देर तक इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उसकी कार के नीचे एक शव फंसा हुआ है. दरअसल, मामला शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे का है. कृषि कॉलोनी निवासी संजय कुमार सिंह के पुत्र प्रवेंद्र प्रताप सिंह, जिनकी थाना कादरचौक क्षेत्र के असरासी गांव में खाद-बीज की दुकान है, दुकान बंद कर अपनी कार से घर लौट रहे थे. प्रवेंद्र के पिता संजय सिंह कृषि विभाग में सरकारी कर्मचारी हैं और उनकी कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ है. उसी दौरान तेज बारिश हो रही थी और सड़क पर खराब मौसम की वजह से कम दिखाई दे रहा था.

बताया जा रहा है कि रास्ते में कहीं कार के नीचे कुछ फंस गया, लेकिन बारिश और अंधेरे की वजह से चालक को इसका सही अंदाजा नहीं हो सका. इसी बीच कार करीब 10 किलोमीटर तक चलती रही और एक व्यक्ति का शव कार के नीचे घसीटता हुआ लालपुल चौराहे तक पहुंच गया. लालपुल चौराहे पर मौजूद एक स्कॉर्पियो कार चालक की नजर जब कार के नीचे फंसे शव पर पड़ी तो उसने तुरंत प्रवेंद्र प्रताप सिंह को इसकी जानकारी दी. जैसे ही कार रोकी गई, मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को हिरासत में लेकर सदर कोतवाली ले गई.

मृतक की पहचान 55 वर्षीय घलेन्द्र पुत्र चुन्नीलाल निवासी रामपुर मजरा थाना बिल्सी के रूप में हुई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि शव आखिर कार के नीचे कैसे आया और घटना की शुरुआत कहां से हुई. इसके लिए पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है.

सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर संजय कुमार, अभी तक की जांच में पता चला है कि मृतक किसी रिश्तेदारी में दावत खाने गया हुआ था. कार चालक अपनी खाद-बीज की दुकान से उसी रोड से लौट रहा था. बारिश हो रही थी और करीब 10 किलोमीटर पहले कार चालक को लगा कि सड़क पर कुछ फंसा है, जिसे उसने हटाने की कोशिश की. संभवतः उसी दौरान मृतक कार के नीचे फंस गया और घसीटता हुआ लालपुल तक पहुंच गया. परिजनों की तहरीर के आधार पर हर पहलू की जांच की जा रही है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन भी सदर कोतवाली पहुंचे. आधार कार्ड के जरिए शव की शिनाख्त की गई. बताया जा रहा है कि मृतक घलेन्द्र पेशे से राजमिस्त्री था और अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. उसके चार छोटे बच्चे हैं, जिनका अब सहारा छिन गया है. पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.

CO सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कार चालक से पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मृतक के छोटे भाई पुष्पेंद्र ने कहा कि मेरा भाई राजमिस्त्री का काम करता था. उसके चार छोटे बच्चे हैं. वह अपने साढ़ू के यहां दावत खाने गया था. अचानक हमें फोन आया कि वह किसी गाड़ी के नीचे आ गया है. मौसम खराब था और उसकी मौत हो गई. हमें नहीं पता यह सब कैसे हुआ, बस हमें इंसाफ चाहिए.

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