Prayagraj Magh Mela 2026 Live: संगम की रेती पर अध्यात्म और आस्था का महाकुंभ ‘माघ मेला’ अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ चला है. मौनी अमावस्या पर 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड आगमन के बाद अब मेला प्रशासन ‘वसंत पंचमी’ (23 जनवरी) से ‘अचला सप्तमी’ (25 जनवरी) के भारी स्नान पर्वों की तैयारी में जुट गया है. अनुमान है कि इन तीन दिनों में करीब 3.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे. सुरक्षा के ऐसे इंतजाम हैं कि परिंदा भी पर न मार सके जल, थल और नभ तीनों ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
सुरक्षा के कड़े इंतजाममेला प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है. स्नान घाटों पर जल पुलिस, NDRF, SDRF, फ्लड कंपनी (PAC) और पेशेवर गोताखोरों की तैनाती की गई है. सुरक्षा के घेरे में पुलिस, PAC, RAF और BDS के साथ-साथ UP ATS के कमांडो और खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हैं. पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है. संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं की सघन चेकिंग जारी है. प्रशासन के मुताबिक, कल ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे से ही पवित्र स्नान प्रारंभ हो जाएगा.
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होगा स्नान, श्रद्धालु गजकेसरी योग में लगाएंगे आस्था की डुबकीसंगम नगरी में माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व ‘बसंत पंचमी’ कल पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार गजकेसरी योग के दुर्लभ संयोग में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे. मेला प्रशासन ने इस महापर्व के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3.5 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है. हालांकि आधिकारिक स्नान कल है, लेकिन संगम तट पर आज से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है. प्रशासन का अनुमान है कि इस पावन अवसर पर करीब 55 से 60 लाख श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगाएंगे.
शंकराचार्य पद का विवाद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कड़ा रुखमेला प्राधिकरण और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच विवाद गहरा गया है. प्राधिकरण के नोटिस का जवाब देते हुए स्वामी जी के वकील ए.के. मिश्रा ने 8 पन्नों का कानूनी जवाब भेजा है. जवाब में कहा गया है कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उन्हें जीवित रहते हुए उत्तराधिकारी नियुक्त किया था और उनका अभिषेक वैदिक रीति से हो चुका है. उन्होंने प्रशासनिक हस्तक्षेप को असंवैधानिक बताया और कहा कि यदि 24 घंटे में नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो ‘अवमानना’ की कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो राजनीतिक दल ‘गौ हत्या’ बंद करने का संकल्प लेगा, वही उनके हृदय के करीब होगा.
Magh Mela 2026 Latest Updates: अग्नि तांडव: बाल-बाल बचे श्रद्धालुमेला क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित ‘श्री परांकुश वैष्णव सेवा आश्रम’ में भीषण आग लग गई. घटना के वक्त शिविर में लोग सो रहे थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई. हालांकि, इस हादसे में राशन, कपड़े और 3 लाख रुपये की नकदी जलकर राख हो गई.
Magh Mela 2026 Latest News: प्रमुख स्नान घाटों की सूचीप्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों का विस्तृत वर्गीकरण किया है:
अरैल क्षेत्र: पक्का घाट, सेल्फी पॉइंट, महाकाल आरती घाट, चक्र माधव और सोमेश्वर महादेव घाट.
झूंसी क्षेत्र: संगम लोअर घाट, एरावत घाट, मोरी घाट, ओल्ड जीटी घाट और कल्पवासी घाट.
संगम/सिविल लाइंस क्षेत्र: संगम नोज, यमुनापट्टी, गंगापट्टी, महावीर घाट, रामघाट, दशाश्वमेध और नागवासुकि घाट.
Magh Mela 2026 Live News: भीड़ प्रबंधन और रूट चार्ट: पांटून पुलों की व्यवस्थामेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चकर्ड प्लेट सड़कों और पांटून पुलों की मजबूती सुनिश्चित की गई है. आवागमन के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं:
परेड से झूंसी जाने के लिए: पांटून पुल संख्या- 3, 5 और 7 का प्रयोग करें.
झूंसी से परेड आने के लिए: पांटून पुल संख्या- 4 और 6 का प्रयोग करें.
आपात स्थिति: पांटून पुल संख्या- 1 और 2 को रिजर्व रखा गया है.
Magh Mela 2026 Live Updates: निरीक्षण में सख्ती: लापरवाही पर गिरी गाजश्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बुधवार को 8 प्रमुख स्नान घाटों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान सेक्टर-5 के घाटों पर गंदगी मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और सेक्टर के मेडिकल ऑफिसर समेत दो सर्किल इंस्पेक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए. वहीं, बेहतर कार्य करने पर सेक्टर-4 स्थित एरावत घाट के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई.

