कानपुर: कानपुर शहर के लिए लंबे समय से चर्चा में रहा गंगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर जमीन पर दिखने वाला है. शासन से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं. पहले चरण में करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 27 जनवरी को टेंडर जारी होगा. यह रिवर फ्रंट अटल घाट से शुक्लागंज पुल तक विकसित किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को घूमने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है.
पटना की तर्ज पर बनेगा कानपुर का रिवर फ्रंट
इस प्रोजेक्ट को पटना में बने गंगा रिवर फ्रंट और गंगा पथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से इस योजना पर गंभीरता से काम हो रहा था. उन्होंने सेतु निगम, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अफसरों के साथ पटना जाकर वहां बने रिवर फ्रंट का अध्ययन किया. स्टडी के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की गई, ताकि कानपुर में बेहतर और टिकाऊ रिवर फ्रंट तैयार किया जा सके
27 जनवरी को टेंडर, पहले चरण में 5 करोड़ रुपये खर्च
केडीए के नगर नियोजक मनोज कुमार ने बताया कि गंगा रिवर फ्रंट के लिए 27 जनवरी को टेंडर निकाला जाएगा. पहले चरण में डिजाइन और प्रारंभिक विकास कार्यों पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे. केडीए के उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने कहा, कानपुर में पहली बार गंगा रिवर फ्रंट बनने जा रहा है. हम इसे तय समय में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पहले भी हो चुकी है स्टडी, अब मिलेगा नया आकार
कानपुर में गंगा रिवर फ्रंट को लेकर सालों पहले आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों ने एक विस्तृत स्टडी रिपोर्ट तैयार की थी. उस समय बजट की कमी के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पाई. तब यह प्रोजेक्ट नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी के तहत देखा जा रहा था, जिसे बाद में नमामि गंगे में शामिल किया गया. अब प्रशासन और केडीए की संयुक्त कोशिशों से यह सपना साकार होने जा रहा है.
इन रास्तों से मिलेगी रिवर फ्रंट तक सीधी पहुंच
गंगा रिवर फ्रंट तक पहुंच के लिए शहर में कई एंट्री प्वाइंट तय किए गए हैं. इनमें जाजमऊ मोड़, अटल घाट, रानी घाट, पॉवर हाउस चौराहा और सरसैया घाट शामिल हैं. जिला प्रशासन के अफसरों के अनुसार, इन कनेक्टिंग रूट्स से लोग गंगा किनारे आसानी से आ-जा सकेंगे और शहर के मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से भी बचाव होगा.
11.5 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट, 3 हजार करोड़ की बड़ी योजना
पूरे गंगा रिवर फ्रंट की लंबाई करीब 11.5 किलोमीटर होगी. पहले चरण में जाजमऊ से गंगा बैराज तक का क्षेत्र कवर किया जाएगा, जबकि अगले चरण में इसे गंगा बैराज से बिठूर तक जोड़ा जाएगा. कुल मिलाकर पहले चरण में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रशासन का कहना है कि रिवर फ्रंट बनने से शहर को नया पर्यटन स्थल मिलेगा और कानपुर की पहचान एक आधुनिक नदी किनारे शहर के रूप में मजबूत होगी.

