Last Updated:January 20, 2026, 06:33 ISTरविवार को मेरठ कैंट में 1600 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया था. इसी दौरान कुछ युवकों के एडमिट कार्ड और उन पर लगी मुहर फर्जी पाई गई. आर्मी इंटेलिजेंस और सेना पुलिस की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.मेरठ में चल रही थी आर्मी की फर्जी भर्ती. (सांकेतिक तस्वीर-AI)मेरठः उत्तर प्रदेश के मेरठ सैन्य क्षेत्र में चल रही आर्मी फॉलोअर्स भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आए बड़े फर्जीवाड़े में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गिरोह की हैरान करने वाली साजिशें उजागर हो रही हैं. सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से करीब 13 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह ने नकली सेटअप लगाकर अभ्यर्थियों का भरोसा जीता. सदर बाजार थाना पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 6 आरोपी फरार हैं. कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पीड़ितों की तहरीर पर तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं.
नकली आर्मी सेटअप लगाकर करते थे ठगीरविवार को मेरठ कैंट में 1600 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया था. इसी दौरान कुछ युवकों के एडमिट कार्ड और उन पर लगी मुहर फर्जी पाई गई. आर्मी इंटेलिजेंस और सेना पुलिस की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना ठाकुर और उसके साथी जिस जिले में सेना भर्ती होती थी, उसी जिले या आसपास किराए का मकान लेकर नकली आर्मी सेटअप तैयार करते थे.
लेबर पहन लेता था साहब की दी हुई आर्मी जैकेटयहां शरीर की नापतोल, मेडिकल जांच, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के नाम पर पूरी प्रक्रिया दिखाई जाती थी. फर्जी अधिकारी बनकर बैठे लोग अभ्यर्थियों को यकीन दिलाते थे कि उनकी भर्ती अंदर से “मैनेज” कर दी गई है. इस पूरे फर्जीवाड़े में रोहित की भूमिका चौंकाने वाली सामने आई है. पुलिस के अनुसार रोहित रुड़की में सेना के सेवा क्षेत्र में लेबर का काम करता था. इसी दौरान एक अधिकारी ने सर्दी से बचाव के लिए उसे आर्मी के रंग की एक जैकेट दे दी थी. रोहित उसी जैकेट को पहनकर नकली सेटअप में बैठता था और खुद को सेना का लेफ्टिनेंट बताता था. आर्मी जैसी जैकेट देखकर अभ्यर्थियों को उस पर भरोसा हो जाता था, जिसका फायदा उठाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी.
कई राज्यों में जुड़े हैं गिरोह के तारदौड़ में फेल हो चुके या चयन को लेकर आशंकित अभ्यर्थियों को गिरोह अपने फर्जी केंद्र पर बुलाता था. यहां उनसे 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक लेकर फर्जी एडमिट कार्ड दिए जाते थे.पुलिस के अनुसार गिरोह के तार फतेहपुर, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने हरजीत (मोहाली) विजेंद्र (हरियाणा)- रोहित (मैनपुरी) को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में प्रदीप राठी, दीप हुड्डा, सतीश, एडवोकेट और धर्मेंद्र की भूमिका भी सामने आई है. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो सेना भर्ती के नाम पर सुनियोजित धोखाधड़ी कर रहा था. फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और जांच लगातार जारी है.About the AuthorPrashant Raiप्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ेंLocation :Meerut,Uttar PradeshFirst Published :January 20, 2026, 06:33 ISThomeuttar-pradeshलेबर ने पहनी थी आर्मी जैकेट, लगता था लेफ्टिनेंट, मेरठ में फर्जी आर्मी भर्ती

