ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. दरअसल, शुक्रवार देर रात 17 जनवरी को सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डूबकर मौत हो गई. घटना के वक्त युवक अपने घर लौट रहा था. रिपोर्ट के अनुसार घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण युवराज का कंट्रोल कार से छूट गया और उसकी कार सड़क के किनारे नाले की दीवार तोड़कर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में जा गिरी.
जानकारी के अनुसार, युवराज मेहता को तैरना नहीं आता था. हादसे के बाद वो किसी तरह अपनी ग्रैंड विटारा कार से बाहर निकलकर कार की छत पर चढ़ गए और अपने पिता को फोन मिलाकर मदद मांगी. वह लगातार मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाकर संकेत देते रहे, ताकि कोई उनकी आवाज और रोशनी देखकर मदद के लिए पहुंच सके.
बता दें कि युवराज, गुरुग्राम स्थित कस्टमर डेटा साइंस कंपनी डनहम्बी इंडिया में कार्यरत थे और ऑफिस के बाद वह अपने घर जा रहे थे. घने कोहरे और इलाके में स्ट्रीट लाइट न लगे होने की वजह से युवराज सेक्टर 150 एटीएस ले-ग्रैंडियोज के पास एक तीखे मोड़ पर आगे मौजूद खतरे को नहीं देख पाए, जिससे यह हादसा हो गया.
युवराज इसी सेक्टर में रहते थे, इसलिए उनके पिता राज मेहता और पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए. हालांकि, घने कोहरे के कारण वे युवराज को देख नहीं सके, लेकिन उसकी आवाज सुनाई देती रही.
इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर मोनिंदर ने ठंडे पानी में छलांग लगाकर युवराज को बचाने की कोशिश की, लेकिन खराब विजिबिलिटी के कारण वह भी उन्हें ढूंढ नहीं सके. मोनिंदर ने बताया कि युवराज लगातार मदद के लिए चीख-पुकार कर रहे थे.
मौके पर खड़ी रही पुलिस, नहीं हो पाया रेस्क्यू
युवराज के दोस्त पंकज टोकस के मुताबिक, युवक कार की छत पर खड़े होकर पूरी ताकत से मदद के लिए चिल्ला रहा था. मौके पर पहुंची पुलिस ने कहा कि उन्हें तैरना नहीं आता. क्रेन मंगाई गई, लेकिन किसी ने पानी में उतरकर उसे बचाने की कोशिश नहीं की.
पुलिस टीम ने फायर डिपार्टमेंट और एसडीआरफ को सूचना दी, जबकि युवराज के पिता मौके पर बेसहाय खड़े रहे. सूत्रों के मुताबिक, SDRF की टीम पहले पहुंची, लेकिन उनके पास रेस्क्यू के लिए आवश्यक उपकरण नहीं थे.

