X
धर्म कोई कमाने या रील बनाने का फील्ड नहीं… हर्षा रिछारिया पर शंकराचार्य का बयान शंकराचार्य मुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में हर्षल इचार्य और साधु बनने की राह को लेकर अपने विचार साझा किए. शंकराचार्य ने कहा कि साधु जीवन केवल ग्लैमर या दिखावे का खेल नहीं है, बल्कि इसमें त्याग, तपस्या और सच्चाई की आवश्यकता होती है. हर्षा रिछारिया ने पहले कैलाशानंद गिरी जी से दीक्षा ली थी. लेकिन उन्होंने महसूस किया कि यह क्षेत्र केवल चमक-दमक या कमाई के लिए नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ धनगुरुओं ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिससे उन्हें असली साधु जीवन की कठिनाइयों का एहसास हुआ. शंकराचार्य ने इस अनुभव को सबके सामने लाने की जरूरत बताई ताकि लोग समझ सकें कि साधु जीवन केवल दिखावे का नहीं है.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।homevideosधर्म कोई कमाने या रील बनाने का फील्ड नहीं… हर्षा रिछारिया पर शंकराचार्य का बयान
रेमंड के पूर्व अध्यक्ष विजयपत सिंघानिया 87 वर्ष की आयु में चल बसे
मुंबई: पूर्व रेमंड चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का यहां शनिवार शाम निधन हो गया, उनके परिवार ने बताया। वह…

