Uttar Pradesh

Chugli ki saza : बिना चुगली किए रह नहीं पाते? जानें मौत के बाद क्या होगा आपके साथ, 100% मिलेगी ये वाली सजा

Last Updated:January 14, 2026, 15:59 ISTBackbiting Punishment : कई लोगों पीठ पीछे बुराई और चुगली करने में खूब मजा आता है. धर्म ग्रंथों में इसे एक बड़ी बुराई बताया गया है. बेहद गंभीर गुनाह माना गया है. अगर बात सच भी हो, लेकिन उसे नुकसान पहुंचाने, लोगों को आपस में लड़ाने या दुश्मनी पैदा करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जाए, तो वह भी चुगली ही मानी जाती है. चुगली समाज को तोड़ने का काम करती है. इस गुनाह की सजा मर्द और औरत दोनों के लिए एक जैसी है. इसे समाज के लिए गंभीर खतरा माना गया है. कई लोगों को चुगली करने की लत सी होती है, लेकिन उन्हें इसके नतीजों का अंदाजा नहीं कि वे खुद अपने लिए कांटा बो रहे हैं.अलीगढ़. लोग अक्सर पीठ पीछे बुराई और चुगली करते हैं. कहा जाता है कि चुगली करने के मामले मे महिलाएं आगे रहती हैं. मुस्लिम समाज के लोगों का मानना है कि इस्लाम में सामाजिक बुराइयों से सख्ती से बचने की हिदायत दी गई है. इन्हीं बुराइयों में एक बड़ी बुराई चुगली है, जिसे कुरआन और हदीस में बेहद गंभीर गुनाह बताया गया है. शाही चीफ मुफ्ती ऑफ उत्तर प्रदेश, मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन बताते हैं कि इस्लाम में चुगली करने वाले के लिए बहुत सख्त सजा बताई गई है. मोहम्मद साहब ने फरमाया है कि चुगली करने वाले को जन्नत में दाखिल नहीं किया जाएगा. ऐसा शख्स अल्लाह की नाराजगी का हकदार बनता है और उसके लिए जहन्नुम की सजा बताई गई है. चुगली उस अमल को कहा जाता है, जिसमें किसी की बात सुनकर उसे इस नीयत से दूसरे तक पहुंचाया जाए कि उससे नफरत पैदा हो, झगड़ा हो या समाज में फितना (बुराई) फैल जाए.

मौलाना इफराहीम के मुताबिक, खास बात यह है कि अगर बात सच भी हो, लेकिन उसे नुकसान पहुंचाने, लोगों को आपस में लड़ाने या दुश्मनी पैदा करने के इरादे से आगे बढ़ाया जाए, तो वह भी चुगली ही मानी जाती है. इस्लाम अमन, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देता है, जबकि चुगली समाज को तोड़ने का काम करती है. इसलिए इसे बड़ा गुनाह करार दिया गया है. आमतौर पर देखा जाता है कि चुगली का यह अमल महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है, लेकिन इस गुनाह की सजा मर्द और औरत दोनों के लिए एक जैसी ही है.

न बढ़ाएं ऐसी चीज

मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन मुसलमानों को नसीहत देते हुए कहते हैं कि वे किसी की भी बात इस तरह आगे न बढ़ाएं जिससे नफरत, झगड़ा या फितना पैदा हो. क्योंकि इस्लाम में अमल का दारोमदार नीयत पर है और अल्लाह के यहां वही नेकियां कुबूल होंगी जो सही नीयत से की गई हों. चुगली करने वालों के लिए जन्नत की खुशखबरी नहीं है. यह बात खुद पैगंबर मोहम्मद की हदीस से साबित है. इसलिए इस गुनाह से बचने की सख्त जरूरत है.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Aligarh,Uttar PradeshFirst Published :January 14, 2026, 15:59 ISThomedharmबिना चुगली रह नहीं पाते? जानें मौत के बाद क्या होगा, 100% मिलेगी ये वाली सजा

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