शाहजहांपुर: जिले विकासखंड सिंधौली के ग्राम चंदपई में प्रशासन की लापरवाही श्रद्धालुओं और राहगीरों पर भारी पड़ रही है. क्षेत्र के प्रसिद्ध कैमा बाबा मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर मंदिर से मात्र 100 मीटर पहले स्थित एक पुलिया पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. यह मार्ग न केवल मंदिर की ओर जाता है, बल्कि कई अन्य गांवों को भी आपस में जोड़ता है. पुलिया टूटने के कारण मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन दूभर हो गया है.
सबसे ज्यादा परेशानी रात के अंधेरे और घने कोहरे में होती है, जहां दिखाई न देने के कारण अब तक कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है. तिलहर विधानसभा क्षेत्र के गांव चंदपई स्थित कैमा बाबा मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग मत्था टेकने आते हैं. मंदिर से महज 100 मीटर पहले बनी पुलिया लंबे समय से जर्जर होकर टूट चुकी है, जिसके कारण रास्ते के बीचों-बीच गहरा गड्ढा हो गया है.
रास्ता बना ‘डेथ ट्रैप’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं रहा. वर्तमान में सर्दी के मौसम और बढ़ते कोहरे के कारण यह स्थान ‘डेथ ट्रैप’ बन गया है. दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं. यदि जल्द ही इस पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता.
श्रद्धालुओं को हो रही दिक्कत स्थानीय गुरजीत सिंह का कहना है कि यह रास्ता हमारे गांव की लाइफलाइन है, लेकिन पुलिया टूटने से सब ठप पड़ गया है. कैमा बाबा मंदिर की बहुत मान्यता है और लोग दूर-दूर से यहां आते हैं. टूटी पुलिया के कारण बुजुर्गों और बच्चों को पैदल निकलना भी दूभर हो गया है. हमने कई बार ब्लॉक स्तर पर शिकायत की, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं. प्रशासन की यह अनदेखी किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बनेगी. इसका तुरंत समाधान होना चाहिए.
रात में होती है ज्यादा परेशानी
सरवन सिंह का कहना है कि पुलिया टूटने से सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है. कोहरे में गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिसकी वजह से पिछले एक हफ्ते में ही कई मोटरसाइकिल सवार यहां गिरकर घायल हो चुके हैं. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार को चाहिए कि इस महत्वपूर्ण पुलिया और रास्ते की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द कराएं.
कुंभकर्णी नींद सो रहे जिम्मेदार
ग्रामीण आशीष का कहना है विकास की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन धरातल पर चंदपई की यह पुलिया हमारी परेशानी का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है. मंदिर से ठीक पहले पुलिया का इस तरह टूटना न केवल खतरनाक है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ भी है. बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं. स्थानीय किसान रनजोद सिंह का कहना है कि पुलिया टूटने की वजह से खेती-किसानी के काम में भी बाधा आ रही है. ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन यहां से नहीं गुजर पा रहे हैं. रात के अंधेरे में राहगीरों का गिरना आम बात हो गई है.
उन्होंने कहा कि कई बार लोग चोटिल होकर अस्पताल जा चुके हैं. प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए. हमारी मांग है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस पुलिया का पुनर्निर्माण अविलंब कराया जाए. अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो हम ग्रामीण धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

