Last Updated:January 13, 2026, 10:25 ISTGround Report of Ganga River: आजकल देश में नदियों के हालात काफी दयनीय है. ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी देखा गया. यहां की गंगा नदी की हालत देखकर कोई भी सिर पीट ले. आइए जानते हैं सबकुछ…कानपुर की गंगा नदी की जमीनी हकीकत.कानपुर: आजकल पीने के पानी को लेकर तमाम खुलासे हो रहे हैं. वहीं इस बीच, उत्तर प्रदेश के कानपुर में मौजूद गंगा नदी के हालात देखे गए तो मूंह से बस यही शब्द निकले कि हाय रे, गंगा नदी साफ क्यों नहीं पा रही है. दरअसल, कानपुर में गंगा को लेकर प्रशासन भले ही सफाई के बड़े दावे करता हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है. घाटों पर बदरंग पानी, खुले नाले और बढ़ता प्रदूषण यह साबित कर रहे हैं कि गंगा आज भी संकट में है और साफ होने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित है. न्यूज 18 की टीम ने जब गंगा नदी की जमीनी हकीकत देखी तो माजरा दावों से एकदम अलग निकला.
जब भी कानपुर की पहचान की बात होती है तो औद्योगिक नगरी के साथ गंगा नदी का नाम अपने आप जुड़ जाता है. प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि कानपुर में गंगा अब साफ हो चुकी है, लेकिन जब ग्राउंड जीरो पर हालात देखे गए तो तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आई. घाटों पर बहता काला पानी, गंगा में गिरते खुले नाले.
सरकारी मानकों के अनुसार, कानपुर में गंगा का पानी डी कैटेगरी में आता है. इसका सीधा मतलब है कि यह जल न तो पीने योग्य है और न ही आचमन के लायक. इसके बावजूद गंगा को साफ और निर्मल बताने के दावे लगातार किए जा रहे हैं. रानी घाट, परमट घाट, सरसैया घाट और जाजमऊ क्षेत्र में गंगा का पानी कई जगह बदरंग और बदबूदार नजर आता है. कुछ स्थानों पर पानी का रंग खुद बयां करता है कि प्रदूषण किस स्तर तक पहुंच चुका है.
शहर में 10 से अधिक छोटे और बड़े नाले ऐसे हैं, जिनका गंदा पानी सीधे या परोक्ष रूप से गंगा में पहुंच रहा है. नगर निगम बायो-रेमिडिएशन के जरिए पानी साफ करने का दावा करता है लेकिन गंगा किनारे बसे सैकड़ों घरों से निकलने वाले सीवर के पानी को रोकने की ठोस व्यवस्था आज भी नहीं हो सकी है. कई जगह खुले नाले बिना किसी रोक-टोक के गंगा में गिरते दिखाई देते हैं.Location :Kanpur Nagar,Uttar PradeshFirst Published :January 13, 2026, 10:25 ISThomeuttar-pradeshकाला पानी, खुले नाले… कानपुर में गंगा की ऐसी दयनीय हालत, देख पीट लेंगे माथा

