लखनऊ के नीलगिरी चौराहे के पास स्थित रोहतास अपार्टमेंट में डुप्लेक्स मकान में विग सोमवार को लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस हादसे में किड्जी स्कूल की संचालिका निदा रिजवी की दर्दनाक मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों और फायर विभाग की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह सामने आई है, जिसने एक छोटी चूक को बड़ा हादसा बना दिया.
मोमबत्ती से शुरू हुई आग
परिजनों और फायरकर्मियों के मुताबिक, मकान की बालकनी में डेकोरेशन के लिए जमीन पर कालीन बिछा हुआ था. फायरकर्मियों की आशंका है कि जलती हुई मोमबत्ती कालीन पर गिर गई, जिससे आग लगी. कालीन में आग लगते ही लपटें तेजी से फैलने लगीं और बालकनी में बने लकड़ी के वुडन स्ट्रक्चर और दीवारों पर लगे एसीपी पैनल ने आग को और भड़का दिया.
लकड़ी और एसीपी पैनल बने खतरा
दो साल पहले बालकनी के हिस्से में लकड़ी का स्ट्रक्चर तैयार कराया गया था. दीवारों पर एल्युमिनियम कंपोजिट पैनल (एसीपी) और शीशे की खिड़कियां लगी थीं. फायर विभाग का मानना है कि ये सभी सामग्री आग के लिए बेहद संवेदनशील होती हैं. आग लगते ही कुछ ही मिनटों में पूरा हिस्सा धुएं और लपटों से भर गया.
बालकनी में फंसी निदा
मकान के सामने रहने वाली प्रत्यक्षदर्शी वीना अग्रवाल ने बताया कि शोर सुनकर जब वह बालकनी में पहुंचीं, तो देखा कि निदा रिजवी आग की लपटों के बीच वुडन स्ट्रक्चर के किनारे खड़ी थीं और मदद के लिए चिल्ला रही थीं. उन्होंने सीढ़ी लगाने की गुहार लगाई, लेकिन नीचे सीढ़ियों में घना धुआं भर चुका था. सीढ़ी आने से पहले ही आग के कारण लकड़ी का स्ट्रक्चर कमजोर हो गया और टूटकर गिर पड़ा. इसी दौरान निदा नीचे गिर गईं. सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत लोहिया संस्थान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घर में मौजूद थे परिजन
घर पर काम करने वाली नूरजहां ने बताया कि हादसे के वक्त निदा की बेटी जारा घर पर ही थी, जिसे उसी दिन पढ़ाई के लिए विदेश लौटना था. आग लगने के बाद परिवार के लोग बाहर निकलने की कोशिश में जुटे थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि हालात काबू से बाहर हो गए.
फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
सुबह करीब 7 बजे फायर स्टेशन इंदिरा नगर को आग लगने की सूचना मिली. परिवार के फंसे होने की जानकारी मिलते ही फायर स्टेशन हजरतगंज की टीम भी मौके पर पहुंची. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. आग बुझाते समय फायर कर्मियों ने एक अलमारी से 11 लाख रुपये नकद बरामद किए, जिन्हें पुलिस की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से पड़ोसी के सुपुर्द कर दिया गया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
निदा रिजवी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पति अम्मार, जो पीजीआई में भर्ती हैं, और बच्चे गहरे सदमे में हैं. देर शाम चौक स्थित इमामबाड़ा गुफरान-म-आब में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर घरों में डेकोरेशन के दौरान फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फायर विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है कि बालकनी में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. शुरुआती जांच में साफ है कि मोमबत्ती से लगी छोटी सी आग ने ज्वलनशील सामग्री के कारण जानलेवा रूप ले लिया.

