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IAS Story: आईएएस साहब ने 5% कमीशन के चक्कर में दांव पर लगाया करियर, अफसर पत्नी ने कहा था- यूपी से भेज दो वापस – Uttar Pradesh News

Last Updated:January 12, 2026, 10:03 ISTIAS Abhishek Prakash Story: उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित प्रशासनिक मामलों में से शामिल आईएएस अभिषेक प्रकाश की कहानी किसी उतार-चढ़ाव भरी फिल्म से कम नहीं है. आईआईटी से पासआउट, यूपीएससी टॉपर लिस्ट में नाम और फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच ‘आरोपी’ बनने तक का उनका सफर यहां जान सकते हैं.IAS Story: आईएएस अभिषेक प्रकाश रिश्वत के मामले में फंसे हैंनई दिल्ली (IAS Abhishek Prakash Story) उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में कुछ ऐसे अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने कम समय में जितनी ऊंचाइयां छुईं, उतनी ही तेजी से वे विवादों के भंवर में भी फंस गए. 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर नजर आते हैं. बिहार के साधारण परिवार में जन्म, IIT रुड़की से बीटेक और यूपीएससी में 8वीं रैंक.. आरोपों में घिरने से पहले आईएएस अभिषेक प्रकाश का प्रोफाइल यही था. वे यूपी सीएम ऑफिस के भरोसेमंद अफसर थे. लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) जैसे रसूखदार पद पर भी लंबे समय तक तैनात रहे.

आईएएस अभिषेक प्रकाश की कहानी केवल फाइलों और दफ्तरों तक सीमित नहीं है. इसमें हाई-प्रोफाइल मैरिज, गहराता व्यक्तिगत विवाद और करियर को तबाह कर देने वाला ‘कमीशन कांड’ भी शामिल है. मार्च 2025 में हुए उनके निलंबन के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि उन पर शिकंजा और कसेगा. अब जनवरी 2026 में विशेष जांच दल (SIT) ने उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘आरोपी’ बनाया है. इससे साफ हो गया है कि उनकी मुश्किलें जल्द खत्म नहीं होने वाली हैं. जानिए मेधावी छात्र से उत्तर प्रदेश के दागी अधिकारी बनने तक की आईएएस अभिषेक प्रकाश की पूरी कहानी.

बिहार से आईआईटी और फिर यूपीएससी का शिखर
अभिषेक प्रकाश का जन्म बिहार के सिवान जिले में 21 दिसंबर 1982 को हुआ था. वे बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे. शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास की और IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री ली. इंजीनियरिंग के तुरंत बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और 2005 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे भारत में 8वीं रैंक हासिल की. 2006 में जब उन्होंने प्रशासनिक सेवा जॉइन की तो उन्हें नागालैंड कैडर मिला. उनकी शुरुआती छवि एक ईमानदार और मेहनती अफसर की थी.

प्यार और हाई-प्रोफाइल शादी
अभिषेक प्रकाश आईएएस की निजी जिंदगी किसी फिल्म जैसी रही. उनकी जान-पहचान अदिति सिंह (2009 बैच आईएएस) से हुई. उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. जल्द ही उन्होंने शादी करने का फैसला किया. उस समय IAS अभिषेक नागालैंड कैडर में तैनात थे, जबकि आईएएस अदिति सिंह को यूपी कैडर अलॉट हुआ था. शादी के आधार पर (Spouse Ground) अभिषेक ने नागालैंड छोड़कर उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिनियुक्ति (Deputation) कराई. कभी इस जोड़े को यूपी ब्यूरोक्रेसी का ‘पावर कपल’ माना जाता था, लेकिन यह सुखद समय ज्यादा दिन नहीं चल सका.

पत्नी से विवाद और कैडर ट्रांसफर की कानूनी जंग
शादी के कुछ सालों बाद ही दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई. यह विवाद इतना सार्वजनिक हुआ कि अदिति सिंह ने शासन से अभिषेक की शिकायत की और उन्हें उनके मूल कैडर (नागालैंड) वापस भेजने की मांग तक कर डाली. अभिषेक प्रकाश के यूपी कैडर में स्थायी विलय (Permanent Absorption) को लेकर सालों तक कानूनी लड़ाई चली. इस दौरान उनके व्यक्तिगत झगड़ों की खबरें अक्सर अखबारों की सुर्खियां बनती रहीं. आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला किया और उनका तलाक हो गया. लेकिन इस विवाद ने प्रशासनिक हलकों में उनकी साख को काफी प्रभावित किया.

रिश्वत के जाल में कैसे फंसे ‘साहब’?
आईएएस अभिषेक प्रकाश के पतन का सबसे बड़ा कारण बना ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) में उनका कार्यकाल. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बड़ी सोलर कंपनी (SAEL Solar) के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और सब्सिडी दिलवाने के बदले अपने खास बिचौलिए निकांत जैन के जरिए 5% कमीशन की मांग की थी. शिकायतकर्ता ने ऑडियो और पुख्ता सबूतों के साथ मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया. जांच में पाया गया कि बिचौलिए ने साहब के नाम पर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया था. इसी भ्रष्टाचार के आरोप में योगी सरकार ने मार्च 2025 में उन्हें सस्पेंड कर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया था.

अब बने सरकारी आरोपी और ED की एंट्री
नए साल की शुरुआत यानी जनवरी 2026 में इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है. SIT ने अपनी 1600 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश कर आईएएस अभिषेक प्रकाश को आरोपी के रूप में नामजद किया है. अब वे केवल सस्पेंडेड आईएएस अधिकारी नहीं, बल्कि रिश्वत केस के ‘आरोपी’ हैं. साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले में एक्टिव है. जांच में उनकी करोड़ों की बेनामी संपत्तियों, लखनऊ से लेकर बरेली तक फैली जमीनों और अवैध निवेशों का पता चला है. कभी आईएएस टॉपर्स को लेक्चर देने वाले साहब अब खुद वकीलों और अदालतों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

About the AuthorDeepali PorwalWith more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ेंFirst Published :January 12, 2026, 10:03 ISThomecareerIAS ने 5% कमीशन के चक्कर में दांव पर लगाया करियर, पत्नी ने कहा था- भेज दो वापस

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