Last Updated:January 11, 2026, 23:51 ISTKanpur bunty tax news : कानपुर नगर निगम में राजनीति चरम पर पहुंच गई है. मेयर प्रमिला पांडेय और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद ने रविवार को नया मोड़ ले लिया. देखते ही देखते हलचल बढ़ गई. निगम के गेट पर पार्षद विरोध जताने के लिए बैठ गए. एक पार्षद अपना बाल मुंडवाने के लिए नाई ले आया. सवाल है कि आखिर ये ‘बंटी टैक्स’ क्या है, जिसे हटवाने के लिए पार्षद इस हद तक जाने को तैयार हो गए.कानपुर. यूपी के कानपुर नगर निगम में इन दिनों राजनीति गरमाई हुई है. मेयर और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे विवाद ने रविवार को ऐसा मोड़ ले लिया, जिसने सबका ध्यान खींचा. नगर निगम के गेट पर पार्षद विरोध जताने के लिए बैठे और बात यहां तक पहुंच गई कि एक पार्षद बाल मुंडवाने के लिए नाई को साथ लेकर धरने पर बैठ गया. सवाल यही है कि आखिर यह ‘बंटी टैक्स’ क्या है, जिसे हटवाने के लिए पार्षद इस हद तक जाने को तैयार हो गए. नगर निगम गेट पर अनोखा विरोधर विवार को वार्ड-37 से भाजपा पार्षद पवन गुप्ता नगर निगम के गेट पर धरने पर बैठ गए. उनके साथ नाई भी मौजूद था. पवन गुप्ता का कहना था कि वह नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार, अपने निलंबन और ‘बंटी टैक्स’ के विरोध में अपने बाल दान करेंगे. योजना यह थी कि हर दिन एक-एक पार्षद बाल मुंडवाएगा और विरोध चलता रहेगा. धीरे-धीरे यह खबर फैल गई और नगर निगम गेट पर हलचल बढ़ गई. लोग समझाने लगे, लेकिन पार्षद अपनी जिद पर अड़े रहे.
क्या है ‘बंटी टैक्स’
पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में कई काम बिना “खास नाम” लिए नहीं होते. उनका कहना है कि मेयर प्रमिला पांडेय के बेटे बंटी पांडेय के नाम पर नगर निगम में एक तरह का दबाव और वसूली का माहौल बना हुआ है. इसी को पार्षदों ने “बंटी टैक्स” का नाम दिया है. पार्षदों का दावा है कि ठेके, फैसले और निगम से जुड़े कई काम इसी कथित ‘बंटी टैक्स’ के इर्द-गिर्द घूमते हैं. जो इसका विरोध करता है, उसे परेशान किया जाता है. पार्षद पवन गुप्ता का कहना है कि उनका निलंबन भी इसी वजह से किया गया. उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ पोस्ट डाली जा रही हैं. पवन का कहना है, नगर निगम के अंदर ही हमारे सम्मान और स्वाभिमान की हत्या हुई. जब बात सुनने वाला कोई नहीं बचा, तो हमने यह रास्ता चुना.
भाजपा की एंट्री, विरोध रुका
जैसे ही नगर निगम गेट पर बाल मुंडन की तैयारी की खबर भाजपा संगठन तक पहुंची, जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. काफी देर तक मान-मनौव्वल चल. आखिरकार संगठन ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी. इसके बाद पार्षद बाल न मुंडवाने पर राजी हुए और धरना समाप्त कर दिया गया. पार्षदों ने संगठन के सामने साफ तौर पर तीन मांगें रखीं—नगर निगम में चल रही पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन को खत्म किया जाए. नगर निगम को “बंटी मुक्त” बनाया जाए. निलंबित पार्षदों के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए. पवन गुप्ता के मुताबिक, संगठन ने भरोसा दिलाया है कि उनका निलंबन जल्द खत्म होगा और बाकी मांगों पर भी कार्रवाई होगी.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Kanpur Nagar,Uttar PradeshFirst Published :January 11, 2026, 23:51 ISThomeuttar-pradeshक्या है कानपुर का ‘बंटी टैक्स’? हटवाने के लिए पार्षद बाल मुंडवाने को तैयार

