Uttar Pradesh

लाखों की नौकरी और लग्जरी लाइफ छोड़ बनें संत, आज एक सांस में डेढ़ घंटे तक बजा सकते हैं शंख, अनोखी कहानी

मथुरा: आप अपनी सांस को 1 मिनट तक रोक कर रख सकते हैं, आपका जवाब होगा नहीं. लेकिन एक ऐसे संत वृंदावन में मौजूद हैं, जो अपनी सांस को डेढ़ घंटे तक रोककर शंख बजा सकते हैं. वृंदावन के यह संत एक सांस में ही डेढ़ घंटे तक शंख बजा सकते हैं. यह संत योग की क्रिया में पूर्ण तरह से निपुण हैं. लगातार एक सांस में डेढ़ घंटे तक इन्होंने शंख बजाने की उस क्रिया को किया है. योगीराज के नाम से यह संत जाने जाते हैं. वृंदावन के हनुमान मंदिर में रहकर सेवा पूजा करते हैं.

यह संत मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं. वृंदावन आकर दावानल कुंड पर स्थित डॉक्टर हनुमान मंदिर में सेवा पूजा करते हैं. इंटरनेशनल योग का सर्टिफिकेट भी संत के पास है. हर महीने लाखों रुपए योग सिखाकर अंग्रेजों से कमाते थे. राकेश शर्मा उर्फ योगीराज आज एक साधारण संत का जीवन व्यतीत कर रहे हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने योग साधना के बारे में बताया और कहा कि वह डेढ़ घंटे तक लगातार शंख बजाते थे. आइए इन संत के बारे में जानते हैं.

भगवान की भक्ति के लिए छोड़ दी लग्जरी लाइफयह कहानी है एक ऐसे शख्स की, जो कभी होटल में लोगों को अपने डायरेक्शन में काम करवाता था और होटल मैनेजमेंट के साथ-साथ इंटरनेशनल योग की डिग्री भी इनके साथ थी. देशी तो छोड़िए, विदेशी भी उनके योग के फैन थे और यह लाखों रुपए हर महीने काम आते थे. ना पैसे की कमी थी और ना ही आरामदायक जीवन की कोई दिक्कत, फिर भी भगवान की लगन ने संत को सब कुछ त्यागने पर मजबूर कर दिया.

लाखों रुपए की महीने की सैलरी, होटल मैनेजमेंट की हाथों में डिग्री और अंग्रेजों को योग सिखाने में महारत हासिल करने वाले यह संत अमेरिका के साथ-साथ कई देशों के लोगों के गुरु रहे. राकेश शर्मा कभी लग्जरी लाइफ जिया करते थे. बड़े-बड़े होटलों में लोगों को डायरेक्शन दिया करते थे, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था.

साधारण जिंदगी जी रहे हैं संत योगीराजसंत योगीराज से जब लोकल 18 की टीम ने उनके पूर्व के जीवन के बारे में जानना चाहा, तो उन्होंने जो बताया वह हैरान कर देने वाला था. राकेश शर्मा उर्फ योगीराज महाराज ने बताया कि उनकी प्रारंभिक से लेकर हायर एजुकेशन ग्वालियर में ही हुई. साल 2000 में वह आगरा आ गए और यहां एक नामी होटल में हाउसकीपिंग में नौकरी ज्वाइन कर ली. 2011 से 2014 तक उन्होंने आगरा के ही एक बड़े होटल में काम किया. योगीराज महाराज ने यह भी बताया कि कई वर्ष नौकरी करने के बाद वह अपने एक मित्र के साथ हरिद्वार कुंभ चले गए. यहां जब उन्होंने संतों के दर्शन किए, तो उनका मन वहीं से बदलने लगा.

संतों में होती है पॉजिटिव एनर्जीराकेश शर्मा उर्फ योगीराज महाराज बताते हैं कि जैसे ही वह अपने मित्र के साथ हरिद्वार गए, तो उन्होंने संतों का सानिध्य लिया. यहां उनकी सेवा पूजा की और धीरे-धीरे जो पूर्व जन्म के पाप थे, वह कम होते चले गए. उनके आशीर्वाद से संत योगीराज ने एक ऐसा जीवन शुरू किया, जो अब उन्हें जीवन में आनंद दे रहा है. संत ने बताया कि कभी बिना गद्दो के नींद नहीं आती थी, लेकिन अब धरती पर चटाई बिछाकर जो नींद और आनंद की प्राप्ति होती है, उसे मुख से बयां नहीं किया जा सकता है.

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