चंदौली: 23 जनवरी को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘बॉर्डर-2’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है. सालों पहले आई ‘बॉर्डर’ ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा था, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी एक नई ऊंचाई दी थी. फिल्म के दमदार किरदार, संवाद और खासतौर पर उसका सुपरहिट गीत ‘संदेश आते हैं’ आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. जैसे ही बॉर्डर-2 का नया गाना सामने आया, सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. सवाल एक ही है कि क्या नया ‘संदेश आते हैं’, पुराने जादू को दोहरा पाएगा?
दरअसल, बॉर्डर फिल्म साल 1997 में जब रिलीज हुई थी, तब सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और कई दिग्गज कलाकारों ने सैनिकों के जीवन, उनके बलिदान और परिवार से दूर रहने के दर्द को पर्दे पर जीवंत कर दिया था. इसी भावना को शब्दों और सुरों में ढालने का काम ‘संदेश आते हैं’ गीत ने किया था. यह गाना सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं था, बल्कि हर उस सैनिक और उसके परिवार की आवाज बन गया था, जो देश की रक्षा में अपने जज्बातों को पीछे छोड़ देता है.
सोनू निगम की सुनाई देती है आवाज
15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में यह गीत अनिवार्य हो गया था. अब जब बॉर्डर-2 आ रही है, तो उसी गीत का नया वर्जन सामने लाया गया है. इस बार भी मुख्य सिंगर के तौर पर सोनू निगम की आवाज सुनाई देती है, जो पुराने गाने की आत्मा को जोड़ने का काम करती है. हालांकि, नए वर्जन में कुछ नए सिंगर्स और आधुनिक म्यूजिक एलिमेंट्स जोड़े गए हैं, जिससे यह गाना आज की पीढ़ी के स्वाद के मुताबिक ढलता नजर आता है.
अपने आप जाग जाती थी देशभक्ति
चंदौली में लोकल 18 की टीम ने जब लोगों से इस गाने पर उनकी राय जानी, तो प्रतिक्रियाएं काफी दिलचस्प रही. अनीश यादव ने कहा कि यह गाना ठीक है, लेकिन अगर तुलना करें, तो बॉर्डर का पहला ‘संदेश आते हैं’ ज्यादा प्रभावशाली था. उस समय जो फील थी, सैनिकों के बलिदान और देशभक्ति को जिस तरह प्राइमरी रखा गया था, वह इस नए गाने में थोड़ा कम महसूस होता है. पहले वाला गाना जब भी बजता था, तो युवाओं के अंदर देशभक्ति अपने आप जाग जाती थी.
उन्होंने कहा कि पुराने गाने में सैनिकों की यादें, घर-परिवार से दूरी और देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना इतनी गहराई से दिखाई गई थी कि सुनने वाला खुद को उस एहसास से जोड़ लेता था. नया गाना थोड़ा मॉडर्न है, नए लेवल की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन हमारी राय में पहला गाना जवानों और नौजवानों को ज्यादा उत्साहित करता था.
नए जेनरेशन को पसंद आएगा नया वर्जन
वहीं, दूसरी ओर गुरदीप सिंह ने कहा कि नया गाना पुरानी भावना को नए अंदाज में पेश करता है. उनके हिसाब से यह गाना बहुत अच्छा है. यह पुराने गाने का रीमिक्स वर्जन है और सोनू निगम की आवाज इसे खास बनाती है. नई जेनरेशन के लिए यह गाना ज्यादा कनेक्टिंग है. उनका बच्चा भी इस गाने पर खुश होकर झूमता है और डांस करता है.
उन्होंने कहा कि पुराना गाना अपने समय के हिसाब से परफेक्ट था और आज भी देश प्रेम की याद दिलाता है. स्कूल और कॉलेज के दिनों में 15 अगस्त या 26 जनवरी के कार्यक्रमों में यह गाना हमेशा बजता था, लेकिन आज पॉप और रीमिक्स का जमाना है. जो भी गाना सुनते हैं, वह नए अंदाज में ही ज्यादा पसंद किया जाता है. इसलिए मुझे लगता है कि बॉर्डर-2 का यह नया वर्जन आज की जेनरेशन को ज्यादा पसंद आएगा.
सालों बाद भी कम नहीं हुआ क्रेज
प्रदीप सिंह ने कहा कि अभी तक फिल्म रिलीज नहीं हुई है, इसलिए गाने से पूरी तरह कनेक्ट होना थोड़ा मुश्किल है. पुराने गाने के साथ दर्शकों का भावनात्मक रिश्ता इसलिए भी मजबूत है, क्योंकि उन्होंने पूरी फिल्म देखी है और किरदारों के दर्द को महसूस किया है. जैसे ही बॉर्डर-2 रिलीज होगी और दर्शक नए किरदारों से जुड़ेंगे, वैसे ही इस गाने का असर और गहरा हो सकता है.
उन्होंने कहा कि ‘संदेश आते हैं’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी के दिल से जुड़ा हुआ भाव है. चाहे वह पुराना वर्जन हो या नया, इसका मूल संदेश देशभक्ति और सैनिकों के सम्मान से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि सालों बाद भी इस गाने का क्रेज कम नहीं हुआ है.
एक बार फिर देशभर में गूंजेगा यह गाना
बता दें कि बॉर्डर-2 का नया ‘संदेश आते हैं’ लोगों को पसंद आ रहा है, लेकिन तुलना स्वाभाविक रूप से पहले वर्जन से हो रही है, तो कुछ लोगों के लिए पुराना गाना आज भी दिल के ज्यादा करीब है, तो कुछ इसे नए दौर की जरूरत मानते हैं. एक बात तो तय है कि फिल्म रिलीज के बाद यह गाना एक बार फिर देशभर में गूंजेगा और शायद तब इसकी असली ताकत सामने आएगी.

