चंदौली: जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल ने अपने ‘ऑपरेशन मातृ शक्ति’ के तहत मानवता का एक बेहतर उदाहरण पेश किया है. वाराणसी से राजगीर की यात्रा कर रही एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ टीम ने फरिश्ता बनकर उनकी मदद की. इस त्वरित कार्य ने न केवल रेल प्रशासन, बल्कि जंक्शन पर मौजूद तमाम यात्रियों ने भी सराहना की है.
घटना के अनुसार, गाड़ी संख्या- 14224 डाउन से बिहार के नवादा जा रही महिला यात्री बबीता कुमारी को ट्रेन के डीडीयू स्टेशन पहुंचते ही तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. घबराए हुए पति शिव कुमार चौहान ने तुरंत आरपीएफ पोस्ट पर जाकर मदद की गुहार लगाई. प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ‘मेरी सहेली’ टीम को अलर्ट किया. उप निरीक्षक सरिता गुर्जर के नेतृत्व में टीम चंद मिनटों में कोच के पास पहुंच गई.
रास्ते में ही कराया प्रसव
आरपीएफ टीम महिला यात्री को व्हीलचेयर के माध्यम से अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन तभी महिला की स्थिति एकदम नाजुक हो गई. समय के अभाव और बढ़ती पीड़ा को देखते हुए उप निरीक्षक सरिता गुर्जर और महिला आरक्षी संगीता देवी ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया. टीम ने स्टेशन परिसर के रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराने का निर्णय लिया. महिला पुलिसकर्मियों के सहयोग से सफल प्रसव संपन्न हुआ, जिसके बाद जंक्शन पर खुशी की लहर दौड़ गई.
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
प्रसव के तत्काल बाद आरपीएफ ने एम्बुलेंस बुलाकर जच्चा और बच्चा दोनों को राजकीय महिला अस्पताल, मुगलसराय में भर्ती कराया. अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं. बिहार के नवादा निवासी बबीता कुमारी और उनके पति ने आरपीएफ की इस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया. इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक शाहिद खान और अन्य पुलिसकर्मियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
भागा-भागा आया यात्री
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि रात में बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस बनारस से राजगीर को जाती है, उसमें से एक यात्री उतरकर दौड़ा-दौड़ा भागा आया और यहां बताया कि हमारी पत्नी हमारे साथ में है और कोई दूसरा साथ में नहीं है, उसको प्रसव पीड़ा हो रही है और काफी परेशान है. उसको सहायता चाहिए, तो हमने तुरंत अपने यहां की जो महिला उपनिरीक्षक सरिता गुर्जर है और साथ में जो मेरी सहेली की टीम है, उनको तुरंत निर्देशित किया कि अविलंब इनको मदद के लिए आप जाए.
स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म
उन्होंने आगे बताया कि उस समय तत्कालिक रूप से जो अपने पास व्हील चेयर और जो चीजें उपलब्ध थी, उससे हम लोगों ने उनको गाड़ी से उतारकर बाहर पहुंचाया और हम लोग अस्पताल ले जाने की भी तैयारी कर ही रहे थे, क्योंकि उनके प्रसव का अंतिम दौर चल रहा था, तो रास्ते में ही इस तरह की प्रॉब्लम आ गई कि सरिता गुर्जर के द्वारा सुरक्षित उनका प्रसव कराया गया और उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. उसके बाद उसको हम लोगों ने राजकीय महिला चिकित्सालय मुगलसराय में भर्ती करवाया.

