Last Updated:January 07, 2026, 12:57 ISTAligarh’s Badal Love Story: प्यार एक ऐसा अहसास है कि जब किसी के प्रति महसूस होने लगता है तो हम उस इंसान के बिना नहीं रह पाते हैं. लैला मजनू, हीर रांझा की लव स्टोरी हर कोई जानता है. मगर आज हम आपको एक ऐसे मामूली शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप शायद यकीं न कर पाएं. आपको लगे कि ये महज एक कल्पना है, पर ऐसा नहीं है. एक हिंदुस्तानी शख्स ने एक बार फिर साबित किया कि इंसान अपने प्यार के लिए कुछ भी कर गुजरता है. हम बात कर रहे हैं अलीगढ़ के रहने वाला बादल की. वो प्यार के लिए बिना पासपोर्ट, वीजा के पाकिस्तान पहुंच गया. मगर, कहा जाता है कि हर किसी की लव स्टोरी की एंडिंग अच्छी नहीं होती है. वैसा ही कुछ बादल के साथ हुआ. जब यूपी का छोरा अपने प्यार के लिए पाकिस्तान पहुंचा तो वहां की सलाखों के पीछे कैद हो गया. आइए जानते हैं शुरू से सबकुछ… आपको यह कहानी किसी फिल्मी स्टोरी जैसी जरूर लगेगी, लेकिन ये कहानी हकीकत है. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पर शुरू हुए एक रिश्ते का है, जिसने एक युवक को सरहद पार तक पहुंचा दिया और आखिरकार उसे प्यार की कीमत चुकाने के लिए विदेशी जेल की सलाखों के पीछे तक जाना पड़ा. बादल बाबू अलीगढ़ में बरला थाना क्षेत्र के खिटकारी गांव का रहने वाला है. फेसबुक पर उसकी पाकिस्तान में रहने वाली सना से बातचीत शुरू हुई. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई और दोनों में नंबर एक्सचेंज हुए और बातचीत प्यार में बदल गई. इसी मोहब्बत में भारत के बादल ने बड़ा और खतरनाक कदम उठा लिया. प्यार परवान चढ़ा तो वह साल 2024 की सितंबर में घरवालों को बिना बताए बिना पासपोर्ट और वीजा के किसी तरह भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. वहां सीधे अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा. यह सब देखकर सना दंग रह गई. फिर शुरू हुए बादल के बुरे दिन. बादल उर्फ बाबू के वहां पहुंचते ही हालात बदल गए. सना की मां ने अवैध तरीके से आए युवक को घर में रखने से साफ इनकार कर दिया और उसे वापस भारत लौट जाने को कहा. मगर, बादल वापस नहीं लौटा. उसे उम्मीद थी कि सना एक दिन मान जाएगी. इसके बाद वह वहीं काम करने लगा. पुलिस को संदेह हुआ तो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस करने के जुर्म में उसे 27 दिसंबर 2024 में अरेस्ट कर लिया. इसके बाद ये मोहब्बत का सिलसिला जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया. हालांकि, बादल ने फिर भी उम्मीद नहीं छोड़ी. Add News18 as Preferred Source on Google पाकिस्तान की अदालत में पेशी के बाद बादल को बिना वैध दस्तावेज सीमा पार करने के आरोप में जेल भेज दिया गया. उस पर विदेशी अधिनियम 1946 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. वहीं जासूसी के संदेह में उससे जांच एजेंसियों ने पूछताछ भी की. बादल ना तो गलत इंसान था, ना ही गलत इरादा लेकर पाकिस्तान में घुसा था वह तो बस सना की मोहब्बत का दीवाना था. जेल में रहते हुए बादल का एक पत्र भी सामने आया, जिसने इस मामले को और चर्चा में ला दिया. पत्र में उसने सना से अपने प्यार का इजहार करते हुए इस्लाम धर्म अपनाने और अपना नाम बदलकर आदिल रखने की बात लिखी थी. पत्र में अपने माता-पिता को उसने यह भी लिखा था कि वह रोजे रख रहा है और सना से शादी करना चाहता है. वकील ने बताया था कि बादल ने रमजान के दौरान जेल में ही पूरे 30 रोजे रखे थे. ईद के दिन उसने नए सफेद कपड़े पहने, टोपी लगाई, नमाज पढ़ी और दोस्तों के साथ केक काटकर ईद मनाई थी. बादल ने वकील से कहा था कि उसने जेल में कुछ पैसे जमा किए हैं, जिनसे वह सना रानी को तोहफा देना चाहता है. वह सना से निकाह करने के अपने फैसले पर अडिग है और उसे कोई रोक नहीं सकता- अगर सना भी राजी हो. मगर, सना भी अड़ी रही कि उसे निकाह नहीं करना है. सजा पूरी होने के बाद अब बादल की रिहाई हो चुकी है. 26 दिसंबर को उसके पिता कृपाल सिंह को पाकिस्तान से फोन कर इसकी जानकारी दी गई. फिलहाल बादल को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और भारत वापसी की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. बेटे की वापसी की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है. बादल को मोहब्बत तो नहीं मिली, लेकिन जल्द ही बादल घर वापस आएगा.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :January 07, 2026, 12:57 ISThomeuttar-pradeshहीर-रांझा से भी आगे निकला अलीगढ़ का बादल, बिना वीजा-पासपोर्ट कर गया सरहद पार
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