Uttar Pradesh

आलू की फसल पर काली आफत! हार्वेस्टिंग से पहले झुलसा रोग ने बढ़ाई किसानों की टेंशन, जानिए बचाव का तरीका

Last Updated:January 06, 2026, 13:31 ISTHow To Protect Potato Crop from Fungus: इन दिनों खेतों में आलू की फसल लहलहा रही है. लेकिन आलू की खुदाई से पहले ही पिछेता झुलसा रोग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम अनुकूल होते ही यह बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे खेत हरे से काले नजर आने लगे हैं. समय पर रोकथाम नहीं की गई तो पैदावार और आमदनी दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप समय पर कुछ जरूरी उपाय अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.शाहजहांपुर: जिले में आलू की हार्वेस्टिंग से ठीक पहले ‘पिछेता झुलसा’ रोग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अनुकूल मौसम मिलते ही यह फंगस इतनी तेजी से फैल रहा है कि लहलहाते हरे खेत देखते ही देखते काली चादर में तब्दील हो रहे हैं. शाहजहांपुर के कई क्षेत्रों में इस रोग के कारण आलू की पत्तियां झुलसकर काली पड़ गई हैं, जिससे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया रुक गई है. यदि समय रहते इसका प्रबंधन नहीं किया गया, तो कंदों का आकार छोटा रह जाएगा और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है.

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि पिछेता झुलसा एक विनाशकारी फंगस जनित बीमारी है. वर्तमान में छाये बादल और नमी वाला वातावरण इसके फैलने के लिए सबसे अनुकूल है. जब पत्तियां झुलसकर भूरी और काली होने लगती हैं, तो पूरा खेत दूर से काली चादर बिछी हुई जैसा प्रतीत होता है. यह इस बात का संकेत है कि फसल गंभीर संकट में है. पत्तियों के नष्ट होने से आलू का साइज नहीं बढ़ पाता, जिससे सीधा असर किसान के मुनाफे पर पड़ता है. किसानों को सलाह है कि वे लक्षणों का इंतजार किए बिना सुरक्षात्मक छिड़काव जरूर करें.
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बचाव के तरीके और उपचारपिछेता झुलसा की “काली चादर” से फसल को बचाने के लिए किसानों को समय जरूरी उपाय कर लेने चाहिए. रोग आने से पहले ही 2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर मैन्कोजेब या क्लोरोथेलोंनील का 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. यदि संक्रमण दिख रहा हो, तो 3.0 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से साईमोक्सेनिल + मैन्कोजेब या फेनोमिडोन + मैन्कोजेब का छिड़काव करें. एक ही फफूंदनाशक का बार-बार छिड़काव न करें. बारिश के मौसम में दवा के साथ 1 मिली प्रति लीटर स्टीकर जरूर मिलाएं. आगामी सीजन के लिए बुवाई से पहले खेत को जोतकर धूप में खुला छोड़ें ताकि मिट्टी में मौजूद फंगस खत्म हो सके.
About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Shahjahanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 06, 2026, 13:30 ISThomeagricultureआलू की हार्वेस्टिंग से पहले झुलसा रोग ने बढ़ाई टेंशन, ऐसे करें बचाव

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