Uttar Pradesh

कानपुर को फिर से मिलेगी पुरानी पहचान, एमएसएमई से बदलेगी तस्वीर, जानिए क्या है योजना

Last Updated:January 06, 2026, 10:21 ISTKanpur News: कानपुर को दोबारा औद्योगिक नक्शे पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है. एमएसएमई सेक्टर को नई तकनीक और पूंजी बाजार से जोड़ने पर जोर है. एनएसई के एमडी आशीष चौहान के दौरे से उद्योगों को आईपीओ जैसे विकल्पों की जानकारी मिलेगी.कानपुर: एक समय देशभर में कपड़ा मिलें, लेदर इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग यूनिट्स और छोटे कारखानों की गूंज कभी कानपुर की पहचान हुआ करती थी. समय के साथ हालात बदले, उद्योग सिमटे और शहर की औद्योगिक तस्वीर भी धुंधली पड़ती चली गई. लेकिन अब एक बार फिर कानपुर को उसके पुराने औद्योगिक गौरव की ओर लौटाने की बड़ी कोशिश शुरू हो चुकी है. आज जब भारत की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर दूसरा सबसे मजबूत इंजन बनकर उभरा है, तब कानपुर जैसे शहर के लिए यह एक नया अवसर लेकर आया है. वित्तीय वर्ष 2025–26 के आंकड़े बताते हैं कि एमएसएमई देश की जीडीपी में करीब 30 प्रतिशत योगदान दे रहा है और करोड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है. यही सेक्टर कानपुर के लिए भी नई उम्मीद बनकर सामने आया है.

एमएसएमई के सहारे बदलेगी कानपुर की तस्वीरकानपुर की आत्मा हमेशा से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में बसती रही है. लेदर, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, हैंडलूम, इंजीनियरिंग और छोटे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स ने इस शहर को पहचान दी. अब इन्हीं उद्योगों को नई तकनीक, निवेश और पूंजी बाजार से जोड़कर कानपुर को दोबारा औद्योगिक नक्शे पर मजबूत करने की तैयारी है. इस दिशा में हो रहा एक बड़ा और अनोखा आयोजन कानपुर के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय कर सकता है. यह आयोजन शहर के एमएसएमई उद्योगों को यह समझाने का प्रयास है कि वे अब केवल बैंक कर्ज तक सीमित न रहें, बल्कि शेयर बाजार और निवेश के नए रास्तों को अपनाएं.

पूंजी बाजार से जुड़ेगा कानपुर का उद्योगदेश में अब छोटे और मध्यम उद्योगों को आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. यह वह पूंजी होती है, जिस पर ब्याज का बोझ नहीं होता और उद्योगों को तेजी से विस्तार करने का मौका मिलता है. इसी सोच के साथ कानपुर के उद्योगों को पूंजी बाजार से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. इस पहल को मजबूती देने में सांसद रमेश अवस्थी की अहम भूमिका मानी जा रही है. उनके प्रयासों से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एमडी व सीईओ आशीष कुमार चौहान कानपुर आ रहे हैं, ताकि यहां के उद्योगों को सीधे पूंजी बाजार की बारीकियां समझाई जा सके.

उत्तर भारत का औद्योगिक मॉडल बनने की तैयारीयह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कानपुर के लिए रीस्टार्ट बटन जैसा है. उद्देश्य साफ है कानपुर को फिर से उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में खड़ा करना. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश का अनुकूल माहौल, रोजगार के नए अवसर और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना इस पूरी पहल का हिस्सा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विज़न के तहत एमएसएमई को जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा रहा है, उसी का लाभ कानपुर को दिलाने की कोशिश है. अगर यह पहल सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में कानपुर सिर्फ अपने इतिहास पर नहीं, बल्कि अपने नए औद्योगिक भविष्य पर गर्व करता नजर आएगा, जहां पुराने अनुभव और नई सोच मिलकर शहर को फिर से उद्योगों की राजधानी बनाएंगे.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar PradeshFirst Published :January 06, 2026, 10:19 ISThomeuttar-pradeshकानपुर को फिर से मिलेगी पुरानी पहचान, एमएसएमई से बदलेगी तस्वीर, जानिए योजना

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