Last Updated:January 05, 2026, 16:16 ISTसर्दियों में गार्डन का सूना पड़ जाना आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों से ठंड के मौसम में भी पौधे हरे-भरे और फूलों से लदे रह सकते हैं? कृषि वैज्ञानिक डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा बताते हैं कि अगर नियमित रूप से ये 10 घरेलू उपाय अपनाए जाएं, तो ठंड भी आपके गार्डन की रौनक नहीं छीन सकती. सर्दियों का मौसम इंसानों के लिए भले ही सुकून भरा होता है, लेकिन गार्डन के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ठंड, पाला, कोहरा और धूप की कमी पौधों की बढ़वार को प्रभावित करती है, जिससे कई बार गार्डन सूना नजर आने लगता है. हालांकि, सही देखभाल और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर सर्दियों में भी गार्डन को हरा-भरा और फूलों से भरपूर रखा जा सकता है. गुनगुने पानी से करें सिंचाई: लोकल 18 से बातचीत में कृषि वैज्ञानिक डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा बताते हैं कि सर्दियों में बहुत ठंडा पानी पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सुबह के समय हल्का गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी देना बेहतर होता है. इससे जड़ों को नुकसान नहीं होता और पौधे स्वस्थ बने रहते हैं. गोबर की खाद और वर्मी कंपोस्ट का उपयोग: डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा के अनुसार, सर्दियों में पौधों को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है. इसके लिए गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कंपोस्ट या घर में बनी जैविक खाद डालनी चाहिए. इससे मिट्टी गर्म रहती है और पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google धूप वाली जगह पर रखें पौधे: सर्दियों में पौधों के लिए धूप बेहद जरूरी होती है. गमलों को ऐसी जगह रखें जहां कम से कम 4–5 घंटे की धूप मिल सके. जमीन में लगे पौधों के आसपास मौजूद झाड़ियां या अवरोध हटा दें, ताकि धूप सीधे पौधों तक पहुंचे. इससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है और सर्दियों में भी गार्डन हरा-भरा और फूलों से भरा रहता है. सूखी पत्तियों से करें मल्चिंग: मिट्टी की नमी बनाए रखने और ठंड से जड़ों को बचाने के लिए मल्चिंग बहुत फायदेमंद होती है. इसके लिए सूखी पत्तियां, भूसा या सूखी घास पौधों के चारों ओर बिछा दें. इससे मिट्टी गर्म रहती है और नमी भी बनी रहती है. रसोई के कचरे से बनाएं खाद: सब्जियों के छिलके, चाय की पत्ती, कॉफी पाउडर और अंडे के छिलकों जैसे रसोई के कचरे से खाद बनाकर पौधों में डालें. यह खाद पूरी तरह प्राकृतिक होती है और सर्दियों में पौधों की ग्रोथ में मदद करती है. नीम खली और नीम का पानी: सर्दियों में कीट कम होते हैं, फिर भी मिट्टी में नीम खली मिलाना फायदेमंद रहता है. साथ ही, 10–15 दिन में एक बार नीम की पत्तियां उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पौधों में डालें. इससे पौधों में रोग नहीं लगते और मिट्टी उपजाऊ बनी रहती है. पौधों को पाले से बचाएं: अधिक ठंड और पाले से पौधे खराब हो सकते हैं. रात के समय पौधों को पुराने कपड़े, जूट की बोरी या अखबार से ढक दें. गमलों को जमीन से थोड़ा ऊपर रखें, ताकि सीधी ठंड का असर न पड़े. हल्की गुड़-खाद का प्रयोग: एक बाल्टी पानी में थोड़ा सा गुड़ घोलकर 15–20 दिन में एक बार पौधों में डालें. गुड़ मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवों को सक्रिय करता है, जिससे पौधों को बेहतर पोषण मिलता है और उनकी वृद्धि तेज होती है. नियमित छंटाई (प्रूनिंग) करें: सूखी, पीली और खराब पत्तियों को समय-समय पर हटा दें. इससे पौधे की ऊर्जा नई पत्तियों और फूलों में लगती है. सर्दियों में हल्की छंटाई करने से वसंत आते ही पौधे तेजी से बढ़ते हैं. सर्दियों में गार्डन का सूना पड़ना कोई बड़ी समस्या नहीं है. सही देखभाल और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इसे फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है. गुनगुना पानी, जैविक खाद, धूप, मल्चिंग और पाले से बचाव जैसे उपाय सर्दियों में भी गार्डन को फूलों से भरपूर रख सकते हैं.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :January 05, 2026, 16:16 ISThomelifestyleठंड में सूना गार्डन? अपनाएं ये आसान 10 घरेलू टिप्स और फिर देखें जादू!
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