कानपुर नगर में 4 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक एक खास रौनक देखने को मिलेगी. मोतीझील लॉन-2 में आयोजित होने जा रहा सरस मेला 2026 सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की बड़ी तस्वीर पेश करेगा. तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में पूरे कानपुर मंडल की स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से बने उत्पादों के साथ शहरवासियों से रूबरू होंगी. यह मेला कानपुर मंडल स्तर का आयोजन है, जिसमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा और औरैया इन छह जनपदों के स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं. प्रशासन की ओर से इसे महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को सीधा बाजार देने की एक मजबूत पहल माना जा रहा है.
छह जनपद, साठ स्टॉल और देसी उत्पादों की खुशबूसरस मेले में कुल 60 स्टॉल लगाए जा रहे हैं. इनमें 40 स्टॉल कानपुर मंडल के विभिन्न जनपदों से चयनित स्वयं सहायता समूहों के होंगे, जबकि 20 स्टॉल कानपुर नगर की महिलाओं को दिए गए हैं. इन स्टॉलों पर हस्तशिल्प, पारंपरिक कपड़े, घर की सजावट से जुड़ी वस्तुएं, आचार-मुरब्बा, नमकीन, बेकरी आइटम, जैविक उत्पाद और रोजमर्रा के उपयोग की कई चीजें बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी. इन उत्पादों की खास बात यह है कि ये पूरी तरह स्थानीय हैं और सीधे महिलाओं के हाथों से तैयार किए गए हैं. इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि उनके काम को पहचान भी मिलेगी.
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा सीधा बाजारजिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आयोजन को लेकर साफ कहा है कि सरस मेला ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण से जुड़ा एक अहम मंच है. प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि मेले में आने वाली महिलाओं और समूहों को किसी तरह की परेशानी न हो. आवास, स्टॉल व्यवस्था, बिजली, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि महिलाएं बिना किसी चिंता के अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकें.
खरीदारी के साथ संस्कृति का रंगसरस मेला सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं रहेगा.मेले को पारिवारिक और आकर्षक बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना है. बच्चों और स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के माहौल को जीवंत बनाएंगे.इससे मेले में आने वाले लोग सिर्फ खरीदारी ही नहीं, बल्कि एक उत्सव जैसा अनुभव भी महसूस करेंगे.
कानपुर के लिए क्यों खास है यह मेलामोतीझील जैसे प्रमुख स्थान पर होने वाला यह आयोजन शहर और ग्रामीण इलाकों के बीच एक सेतु का काम करेगा. शहरवासियों को जहां देसी और शुद्ध उत्पाद मिलेंगे, वहीं ग्रामीण महिलाओं को सीधा ग्राहक और बाजार मिलेगा. 4 से 6 जनवरी तक चलने वाला यह सरस मेला कानपुर में महिला उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों की ताकत को करीब से देखने का बेहतरीन मौका साबित होने जा रहा है.

