Uttar Pradesh

kashi sadhu sant demanded PM Modi said hand over the Qutub Minar to Sanatani | काशी के संतों ने पीएम मोदी से की मांग, सनातनियों को सौंपें कुतुब मीनार और बनाएं भव्य मंदिर, यह मीनार नहीं विष्णु स्तंभ

Last Updated:January 03, 2026, 19:26 ISTपूर्व एएसआई निदेशक धर्मवीर शर्मा ने दावा किया कि कुतुब मीनार सनातनियों की एक वेधशाला थी. इस दावे के बाद काशी के साधु संतों ने पीएम मोदी से मांग की है कि कुतुब मीन को सनातियों के हाथों से सौंप देना चाहिए और वहां एक भव्य मंदिर बनाना चाहिए. आइए जानते हैं काशी के साधु संतों ने क्या कहा…ख़बरें फटाफट‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व निदेशक धर्मवीर शर्मा के दावों के बाद काशी के संतों ने मांग उठाई है कि कुतुब मीनार सनातनियों को सौंपी जानी चाहिए और वहां एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर बालक देवाचार्य जी महाराज ने बातचीत में कहा कि मुस्लिम शासन के समय मंदिर और मठ तोड़कर मस्जिदें बनाई गईं. लेकिन निश्चित रूप से कह सकते हैं कि कुतुब मीनार में आज भी हिंदू देवी देवताओं के चिन्ह हैं. सरकार से अनुरोध है कि सनातन संस्कृति की भावनाओं का ध्यान रखते हुए इस दिशा में अपनी दृष्टि डाले. कुतुब मीनार सनातनियों को सौंपी जानी चाहिए. वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान विष्णु का ध्वज स्थापित हो.

महंत जगदीश्वर दास जी महाराजमहंत जगदीश्वर दास जी महाराज ने कहा कि जिसे आज कुतुब मीनार कहते हैं, असल में वह विष्णु स्तंभ है. कई बारे में कई लेख मिले हैं. पुराने समय से रामानुज संप्रदाय में स्तंभ बनाए जाते थे. आज भी बहुत जगहों पर स्तंभ मिलेंगे. ऐसे ही वह स्थल विष्णु स्तंभ था. मुगलों ने उस स्थल को ध्वस्त किया. बहुत सारे प्राचीन मंदिरों को तोड़ा गया, जिनकी जगह मस्जिद और दरगाहें बनाई गईं. उन्होंने कहा कि हमारे पुराणों, शास्त्रों में जिन मंदिरों के उल्लेख हैं, उनमें से बहुत से मंदिर तोड़े गए. मुगल शासन में हिंदुओं के खिलाफ हुआ अत्याचार किसी से छिपा नहीं है.

जगदीश्वर दास जी महाराजजगदीश्वर दास जी महाराज ने आरोप लगाए कि राष्ट्र स्वतंत्र होने के बाद कांग्रेस सत्ता में आई, जिनमें से अधिकतर इस्लाम को ही फॉलो करते थे. उन्होंने आगे कहा कि विदेशी आक्राताओं ने भारत में भाईचारे को भी छिन्न-भिन्न किया. इस स्थिति में भी अगर आप चाहते हैं कि देश में आपस में मिलकर रहना चाहिए, तो हिंदुओं को उनकी चीजें वापस सौंप दी जानी चाहिए.

पूर्व एएसआई निदेशक धर्मवीर शर्मा का दावाइससे पहले, पूर्व एएसआई निदेशक धर्मवीर शर्मा ने दावा किया कि कुतुब मीनार सनातनियों की एक वेधशाला थी. उन्होंने इस बारे में अपने अध्ययनों का हवाला दिया और कहा कि कुतुब मीनार 25 इंच दक्षिण की तरफ झुकी है. क्योंकि 21 जून को सूर्य दक्षिणायन में आता है, जिसका समय दोपहर 12 बजे से लेकर 12.30 या कभी इससे अधिक होता है, उस समय कुतुब मीनार की छाया नहीं बनती है. इसका साहित्यिक प्रमाण के साथ-साथ पुरात्विक प्रमाण भी है. उन्होंने कहा कि कुतुब मीनार के चारों ओर 27 नक्षत्रों के मंदिर थे, जिन्हें जोड़ा गया और उसके मलबे से जामा मस्जिद बनाई गई.About the AuthorParag Sharmaमैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ेंFirst Published :January 03, 2026, 19:26 ISThomedharmकाशी के संतों ने पीएम मोदी से की मांग, सनातनियों को सौंपें कुतुब मीनार

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