Uttar Pradesh

यूट्यूब से लिया आइडिया, फिर किसान ने शुरू की यह खेती, आज कम लागत में हो रही ताबड़तोड़ कमाई

Last Updated:December 30, 2025, 13:37 ISTAgriculture News: लखीमपुर खीरी में किसान केले के साथ हरी मिर्च की सहफसली खेती अपनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. कम लागत, जल्दी फसल और बाजार में लगातार मांग से आमदनी बढ़ रही है. मिर्च की खेती से केले में कीट रोग भी कम हो रहे हैं.उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए आधुनिक और लाभकारी खेती के तरीकों को अपना रहे हैं. जिले में केले की खेती किसानों के लिए आय का एक मजबूत जरिया बनकर उभरी है. कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण केले की खेती से किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है. इसी के साथ अब किसान सहफसली खेती की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं, जिससे उन्हें डबल फायदा मिल रहा है.

खेती कर रहे युवा किसान करण राजपूत ने बताया कि उनके पिता कई वर्षों से केले की खेती करते आ रहे हैं. उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से सहफसली खेती की जानकारी प्राप्त की और प्रयोग के तौर पर एक बीघे में हरी मिर्च की खेती शुरू की. करण के अनुसार मिर्च की रोपाई के 40 से 45 दिन बाद ही फसल तैयार हो जाती है, जिससे जल्दी आमदनी शुरू हो जाती है. अब वह केले के साथ मिर्च की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं और अन्य किसानों को भी इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

लखीमपुर खीरी के किसान केले के साथ हरी मिर्च की सहफसली खेती कर रहे हैं. हरी मिर्च न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती है, बल्कि बाजार में इसकी मांग भी पूरे साल बनी रहती है. भले ही हरी मिर्च का कोई निश्चित मूल्य नहीं रहता, लेकिन औसतन यह ₹80 से ₹100 प्रति किलो तक आसानी से बिक जाती है. यही कारण है कि किसान केले की खेती के साथ-साथ मिर्च की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं.

सहफसली खेती का एक बड़ा लाभ यह भी सामने आया है कि मिर्च की खेती से केले की फसल में लगने वाले कई रोगों पर नियंत्रण पाया जा रहा है. किसानों का कहना है कि मिर्च की मौजूदगी से कीटों का प्रकोप कम हो जाता है, जिससे उन्हें कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं करना पड़ रहा. इससे लागत घटने के साथ-साथ जैविक और सुरक्षित उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है.

लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा, पलिया, निघासन और मोहम्मदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर केले की खेती की जा रही है. एक समय गन्ने की मिठास के लिए पहचाने जाने वाले इस जिले को ‘चीनी का कटोरा’ कहा जाता है, लेकिन अब केले की खुशबू से भी जनपद महकने लगा है.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Lakhimpur,Kheri,Uttar PradeshFirst Published :December 30, 2025, 13:37 ISThomeagricultureयूट्यूब से लिया आइडिया, फिर किसान ने शुरू की यह खेती, ताबड़तोड़ हो रही कमाई

Source link

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 16, 2026

कानपुर समाचार : ‘बाप-बाप होता है,’ टी20 वर्ल्डकप में भारत ने पाकिस्तान को पीटा, पटाखों से गूंजा कानपुर, लोग बोले- इस बार ट्रॉफी पक्की

कानपुर में भारत की जीत के बाद जबरदस्त माहौल बन गया. कई इलाकों में लोगों ने जमकर पटाखे…

Scroll to Top