Uttar Pradesh

सरसों में तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए किसान फसल में NPK के साथ डाल दें ये चीज, बंपर पैदावार के साथ होगा दोहरा लाभ

Last Updated:December 29, 2025, 13:03 ISTSaharanpur news: किसान को किसी भी तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट का सरसों की फसल पर छिड़काव फूल आने के समय नहीं करना है. ऐसा करने से फूल टूट कर गिरने लगता है जिससे उत्पादन भी प्रभावित होता है. किसान को किन माइक्रोन्यूट्रिएंट और कब इनका सरसों के खेत में इस्तेमाल करना है.ख़बरें फटाफटसहारनपुर: पश्चिमी यूपी में किसान बड़ी मात्रा में सरसों की खेती करते है. यहां प्रत्येक किसान गेहूं लगाने के साथ-साथ सरसों भी लगाते हैं. सरसों की फसल धीरे-धीरे बड़ी हो रही है और अब तो सरसों में फूल भी आने लगा है. इसके बाद सरसों में फूल से फल बनेगा और उस फल से ही तेल निकलता है जो कि लगभग सभी के घरों में सब्जी, पराठे और पकवान बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन जैसे-जैसे सरसों की फसल बड़ी होती है वैसे-वैसे सरसों का पौधा जितना स्वस्थ होगा उसी के आधार पर फूल मजबूत और फल दमदार होगा.

सरसो में तेल बढ़ेगा

सरसों में अगर तेल की मात्रा कम निकलेगी तो किसान को उसका भारी नुकसान होता है.  इसका इस्तेमाल कर आप अपने सरसों में तेल की मात्रा को बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन और अपनी आय को बढ़ा सकते हैं. सरसों के खेत में कुछ माइक्रोन्यूट्रिएंट अहम रोल निभाते हैं जिसमें जिंक, पोटाश, बोरोन, सल्फर, कॉपर अगर उनकी सरसों के खेत में मात्रा कम है तो फसल तो अच्छी होगी लेकिन तेल का उत्पादन कम होगा. इसलिए किसान इन माइक्रोन्यूट्रिएंट का अपने खेत में समय से इस्तेमाल करें.

खास करके किसान को किसी भी तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट का सरसों की फसल पर छिड़काव फूल आने के समय नहीं करना है. ऐसा करने से फूल टूट कर गिरने लगता है जिससे उत्पादन भी प्रभावित होता है. किसान को किन माइक्रोन्यूट्रिएंट और कब इनका सरसों के खेत में इस्तेमाल करना है जिससे कि किसान को नुकसान ना हो.

NPL के साथ डालें ये चीज, होगा फायदा

कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई.के कुशवाहा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि सरसों में अगर हमें तेल की मात्रा बढ़ानी है तो कोई भी तत्व डालकर आप तेल की मात्रा को बढ़ा दें जबकि ऐसा नहीं होता है. अच्छा यही रहता है कि तिलहन ही फसलों में बेसल डोज के रूप में सुपर, पोटाश, बोरान, सल्फर, जिंक, कॉपर का NPK के साथ इन माइक्रोन्यूट्रिएंट का जरूर इस्तेमाल करें. इस तरीके से अगर किसान भाई सरसों की फसल में इस्तेमाल करेंगे तो निश्चित रूप से सरसों की फसल से अच्छा उत्पादन ले सकते हैं लेकिन अब फिलहाल सरसों की फसल में फूल आ रहा है.

फूल आते समय सरसों की फसल में किसी भी तत्व का छिड़काव के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर आपको छिड़काव करना भी है तो शाम के वक्त 2:00 बजे के बाद करें. सुबह के समय छिड़काव नहीं करना है और सबसे पहले छिड़काव करते समय माइक्रोन्यूट्रिएंट का छिड़काव करें. क्योंकि माइक्रोन्यूट्रिएंट में हर तरह के कंपाउंड होते हैं जो कंपाउंड खेत में नहीं है तो उनकी कमी के कारण सरसों में दाने कम बनेंगे जबकि किसान को सोचना चाहिए कि हमारी सरसों की फसल में दाने पर्याप्त मात्रा में बने. सरसों के फसल में जब 70% फलिया बन जाती है तब आपको पोटाश और सल्फर का छिड़काव करना चाहिए ऐसा करने से सरसों में दाने की चमक बढ़ती है दाने का साइज भी बढ़ता है साथ ही साथ तेल की मात्रा भी बढ़ती है.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Saharanpur,Saharanpur,Uttar PradeshFirst Published :December 29, 2025, 13:03 ISThomeuttar-pradeshसरसों में तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए किसान फसल में NPK के साथ डाल दें ये चीज

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