Uttar Pradesh

सिर्फ 200 ग्राम बीज में 1 क्विंटल फसल…कम लागत में मालामाल बना देगी यह खेती, बंपर होगी कमाई

Last Updated:December 28, 2025, 10:46 ISTAgriculture News: कम बीज और कम लागत में ज्यादा उत्पादन देने वाली सरसों किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. एक बीघा में 200 ग्राम बीज से करीब एक क्विंटल पैदावार मिल रही है. बाजार में 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव से किसानों की आय बढ़ रही है.अंजू प्रजापति/रामपुर: खेती में अगर लागत कम हो और पैदावार ज्यादा मिले तो किसान के चेहरे पर मुस्कान आना तय है. किसान तारा सिंह बताते हैं कि उन्होंने इस बार ऐसी सरसों की फसल लगाई है, जिसमें बीज बेहद कम लगता है. लेकिन उत्पादन उम्मीद से कहीं ज्यादा मिलता है. उनके अनुसार एक बीघा खेत में सिर्फ 200 ग्राम बीज डालने पर करीब 1 क्विंटल तक सरसों निकल आती है. यही वजह है कि लागत कम और मुनाफा जबरदस्त हो रहा है.

तारा सिंह ने करीब ढाई एकड़ में यह फसल बोई है. उनका कहना है कि यह सरसों सिर्फ तीन महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है. यानी अक्टूबर-नवंबर में बुवाई करने के बाद फरवरी तक कटाई हो जाती है. कम समय में फसल तैयार होने से किसान अगली फसल की तैयारी भी समय पर कर पाते हैं. यही कारण है कि यह सरसों उन किसानों के लिए भी फायदेमंद है जो साल में दो या तीन फसलें लेना चाहते हैं.

अगर बात करें पीली सरसों की खेती की तैयारी की तो इसके लिए खेत का सही तरीके से तैयार होना बेहद जरूरी है. सबसे पहले खेत की गहरी जुताई की जाती है, ताकि पुरानी खरपतवार और कीट नष्ट हो जाएं. इसके बाद दो से तीन हल्की जुताई कर खेत को भुरभुरा बनाया जाता है. आखिरी जुताई के समय गोबर की सड़ी खाद या कंपोस्ट डाल दी जाए तो फसल और अच्छी होती है.

सरसों की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से नवंबर के पहले हफ्ते तक की जाती है. इस समय मौसम अनुकूल रहता है और अंकुरण अच्छा होता है. बीज को बोने से पहले उपचार कर लेना चाहिए, ताकि रोगों से बचाव हो सके. लाइन से बुवाई करने पर सिंचाई, निराई और दवा छिड़काव करना भी आसान हो जाता है.

पीली सरसों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. पहली सिंचाई बुवाई के करीब 25-30 दिन बाद और दूसरी सिंचाई फूल आने के समय की जाती है. जरूरत से ज्यादा पानी देने पर फसल को नुकसान भी हो सकता है. इसलिए संतुलन जरूरी है. समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने से खरपतवार नहीं पनपते और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है.

बाजार की बात करें तो इस समय सरसों का भाव किसानों के लिए राहत भरा है. तारा सिंह बताते हैं कि बाजार में सरसों करीब 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है. कम लागत और अच्छे दाम मिलने से किसानों की आमदनी मजबूत हो रही है. यही वजह है कि अब कई किसान इस तरह की सरसों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Rampur,Uttar PradeshFirst Published :December 28, 2025, 10:46 ISThomeagricultureसिर्फ 200 ग्राम बीज में 1 क्विंटल फसल…कम लागत में मालामाल बना देगी यह खेती

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