फिरोजाबाद: सर्दियों का मौसम किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो रहा है. घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण सरसों, गेहूं और आलू की फसलों पर रोगों का खतरा तेजी से बढ़ गया है. मौसम में बदलाव के साथ ही फसलों में माउं (एफिड), झुलसा रोग और अन्य कीट लगने लगे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है.
इस समस्या को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है. साथ ही, कीटनाशक दवाएं अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि फसलों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके.
इन दवाओं से करें फसलों की सुरक्षा
फिरोजाबाद के कृषि रक्षा अधिकारी सुमित कुमार चौहान ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि घने कोहरे के कारण इस मौसम में सरसों, गेहूं और आलू की फसलों में रोग तेजी से फैलते हैं.
आलू की फसल में झुलसा रोग से बचाव के लिए मैंकोजेव 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव करें.
सरसों की फसल में माउं (एफिड) की समस्या के लिए डाईमिथोएट 30 ईसी का छिड़काव करना प्रभावी रहेगा.
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसलों की नियमित निगरानी करें और समय पर दवा का छिड़काव करें, ताकि नुकसान से बचा जा सके.
पाले से भी बचाव जरूरी
कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि पाले के कारण भी गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. इससे बचाव के लिए उचित घोल बनाकर छिड़काव करना जरूरी है, जिससे कीट और रोग फसलों पर असर न डाल सकें.
50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगी दवाएं
किसान भाई कीटनाशक दवाओं के लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, अपने नजदीकी कृषि विभाग यूनिट से भी संपर्क किया जा सकता है. सरकार की इस योजना के तहत किसानों को कीटनाशक दवाओं की खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
समय पर सही कदम उठाकर किसान अपनी फसलों को नुकसान से बचा सकते हैं और बेहतर पैदावार सुनिश्चित कर सकते हैं.

