Uttar Pradesh

मालवीय ब्रिज की होगी मरम्मत, काशी से चंदौली आने-जाने वाले 25 दिनों के लिए बदल लें अपना रास्ता, सिर्फ इनको 1 घंटे की छूट

Last Updated:December 19, 2025, 22:55 ISTMalviya Bridge News : ये प्रतिबंध 20 दिसम्बर से 13 जनवरी तक लागू रहेगा. काशी में गंगा पर बना मालवीय ब्रिज करीब 138 साल पुराना है. इसके ऊपर सड़क मार्ग और नीचे बिहार के रास्ते बंगाल जाने वाली रेल लाइन है. इस दौरान रेल लाइन पर संचालन आम दिनों की तरह ही होता रहेगा. एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि पैदल और दो पहिया वाहन ही 20 दिसम्बर से मालवीय पुल से जा सकेंगे.वाराणसी. गंगा पर बने ऐतिहासिक मालवीय पुल पर अगले 25 दिनों तक ड्रेनेज स्पाउट एक्सपेंशन जॉइंट मरम्मत का काम चलेगा. इसके चलते वाराणसी से चंदौली आने जाने वालों को दिक्कत हो सकती है. इस पुल पर ऑटो, ई रिक्शा, चार पहिया वाहन समेत सभी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है. ये वाहन सामने घाट पर बने शास्त्री पुल से रामनगर होते हुए मुगलसराय से चंदौली जा सकेंगे. 20 दिसम्बर से 13 जनवरी तक ये प्रतिबंध लागू रहेगा.एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि पैदल और दो पहिया वाहन ही 20 दिसम्बर से मालवीय पुल से आ जा सकेंगे. बाकी सभी बड़े वाहनों के आवागमन पर 25 दिनों के लिए रोक लगाई गई है. हालांकि स्कूली बसों के लिए सुबह और दोपहर 1 घण्टे की छूट दी गई है.

भारी वाहनों को यहां से मिलेगी एंट्रीसुबह 9 से 10 बजे के बीच नमो घाट से पड़ाव और दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 2 बजकर 30 मिनट के बीच पड़ाव से नमो घाट की ओर स्कूल बस इस मालवीय पुल से आ जा सकेंगे. एडीसीपी ने फोन पर बातचीत में बताया कि सभी वाहन अगले 25 दिनों तक वैकल्पिक मार्ग रामनगर से नेशनल हाइवे होते हुए शहर में आ सकेंगे. अगले 25 दिनों तक बसों के अलावा मालवाहक वाहन रामनगर से टेंगरा मोड़ होते हुए नेशनल हाईवे से अमरा अखरी बाई पास से शहर में प्रवेश करेंगे. लौटूबीर अंडरपास पर भी बैरियर लगाएं जाएंगे, ताकि मरीज को बीएचयू और ट्रामा सेंटर आने में परेशानी न हो.

अंग्रेजों के समय का डफरिनवाराणसी में गंगा में बना मालवीय ब्रिज 138 साल पुराना है, जिसके ऊपरी हिस्से पर सड़क मार्ग और नीचे बिहार के रास्ते बंगाल जाने वाली रेल लाइन है. हालांकि इस रिपेयरिंग वर्क के दौरान रेल लाइन पर संचालन आम दिनों की तरह ही जारी रहेगा. इस पुल को राजघाट पुल के नाम से भी जानते है. अंग्रेजों के समय इसे डफरिन पुल कहा जाता था लेकिन आजादी के बाद इसे मालवीय पुल नाम दिया गया. गंगा पर बना ये पुल देश का सबसे पुराने पुलों में से एक है.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Varanasi,Uttar PradeshFirst Published :December 19, 2025, 22:55 ISThomeuttar-pradeshमालवीय ब्रिज की होगी मरम्मत, काशी से चंदौली आने-जाने वाले बदल लें अपना रास्ता

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