Uttar Pradesh

जहां उतरते ही छिन जाता है राजयोग! विंध्याचल के अष्टभुजा हेलीपैड का अनोखा रहस्य, योगी भी नहीं तोड़ सके भ्रांति

Last Updated:December 19, 2025, 10:56 ISTAshtabhuja helipad: शिवजी महराज ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आध्यात्मिक व्यक्ति है. उन्हें मां की महिमा और पहाड़ों का महात्म्य मालूम है. यहां के त्रिकोण की क्या शक्ति है. क्योकि, यह हेलीपैड त्रिकोण क्षेत्र में ही आता है. इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बनने के बाद कोई भी मंत्री वहां पर नहीं उतरता है. उसके बाद से ही वह स्थान वीरान पड़ा हुआ है. कोई महत्व नहीं बचा है. सिर्फ और सिर्फ नाम का हेलीपेड बचा है. जिसका सिर्फ अस्तित्व है. The mysterious helipad of Mirzapur: नोएडा को लेकर जिस तरह से भ्रंतियां थी कि यहां आने से मुख्यमंत्री सत्ता से बेदखल हो जाता है. इस फेहरिस्त में अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल थे. हालांकि, यूपी में योगी के सीएम बनने के बाद इस किदवंती का अंत हो गया. योगी नोएडा गए और दोबारा मुख्यमंत्री भी बने. नोएडा की तरह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मां विंध्यवासिनी धाम को लेकर भ्रंतियां है. ऐसा माना जाता है कि यहां पर अष्टभुजा में बने हेलीपेड पर कोई भी उतरता है तो उसके कुंडली से राजयोग चला जाता है. यानि शीर्ष से पतन की ओर अग्रसर होता है. यही वजह है कि यहां की भ्रांति को स्वयं योगी आदित्यनाथ भी नहीं तोड़ सके है.

मिर्जापुर के अष्टभुजा में अस्थाई हेलीपैड का निर्माण राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल के आगमन पर किया गया था. उनके बाद इस हेलीपेड का प्रयोग अलग-अलग राजनेताओं के द्वारा किया जाने लगा. अस्थाई हेलीपेड को अधिकारियों के द्वारा निर्माण कराकर स्थायी बना दिया गया. जिसमें, तीन हेलीपेड बनाए गए हैं. इस हेलीपेड पर कल्याण सिंह और शिवपाल सिंह यादव जैसे दिग्गजों का उड़न खटौला उतरा. उड़न खटोला तो राजयोग में उतरा, लेकिन उसके बाद उनका सितारा बुलंदियों पर नहीं गया. कल्याण सिंह उसके बाद न मुख्यमंत्री बने और शिवपाल सिंह यादव भी अभीतक मंत्री नहीं बन सके है. ऐसे कई नेता रहे है जो यहां पर आए और कुंडली से राजयोग मिट गया.

नहीं बनना था हेलीपैडमां विंध्यवासिनी धाम के प्रधान श्रृंगारियां शिवजी महराज ने लोकल 18 से बताया कि विंध्याचल की जो पर्वत श्रृंखलाएं हैं, वहां पर अनेक सिद्धपुरुष और देवी-देवताओं का वास है. अष्टभुजा में जो हेलीपेड बना हुआ है. वहां पर कोई हेलीपेड पहले से नहीं बनना चाहिए था, लेकिन कुछ अध्यात्म को नहीं मानने वाले लोग थे. उन्होंने वहां पर हेलीपेड को बनवा दिया. जो भी बड़े चेहरे वहां पर पहुंचे, उसके बाद उनका नाम खत्म हो गया. जबसे योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हुए हैं, तबसे वहां एक बार भी नहीं आए है. उनका उड़न खटोला या तो पुलिस लाइन में उतरा है या फिर किसी अन्यत्र जगह उतरा है.

योगी आदित्यनाथ है अध्यामिक व्यक्तिशिवजी महराज ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आध्यात्मिक व्यक्ति है. उन्हें मां की महिमा और पहाड़ों का महात्म्य मालूम है. यहां के त्रिकोण की क्या शक्ति है. क्योकि, यह हेलीपैड त्रिकोण क्षेत्र में ही आता है. इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बनने के बाद कोई भी मंत्री वहां पर नहीं उतरता है. उसके बाद से ही वह स्थान वीरान पड़ा हुआ है. कोई महत्व नहीं बचा है. सिर्फ और सिर्फ नाम का हेलीपेड बचा है. जिसका सिर्फ अस्तित्व है.

कल्याण सिंह है जीवंत उदाहरणशिवजी महराज ने बताया कि कल्याण सिंह जीवंत उदाहरण है. तपे हुए नेता थे. हालांकि, वह भी गर्त में चले गए. कई राष्ट्रीय स्तर व प्रदेश स्तर के नेता वहां पर आए और राजयोग चला गया. मां विंध्य शिरोमणि निवासिनी है. यहां के कण-कण में मां वास करती है. वह स्थान ही गलत था. इसलिए उस स्थान पर हेलीपेड तो बनना ही नहीं चाहिए था.

तैयार हुआ है नए हेलीपेड का प्रस्तावविंध्याचल में नए हेलीपेड का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया है. पटेंगरा नाला के बाद हेलीपेड के निर्माण को लेकर प्रस्ताव बना है. यहां पर एक साथ तीन हेलीकॉप्टर उतर सकेंगे. हालांकि, अभी हरी झंडी मिलना शेष है. हरी झंडी मिलते ही नया हेलीपेड बनकर तैयार हो जाएगा.About the AuthorManish Raiकाशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ेंLocation :Mirzapur,Uttar PradeshFirst Published :December 19, 2025, 10:56 ISThomeuttar-pradeshमिर्जापुर अष्टभुजा हेलीपैड से जुड़ा राजयोग पतन का रहस्य, नेताओं ने बना ली दूरी

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