Uttar Pradesh

साहीवाल से रेड सिंधी तक की गाय फ्री में बांट रही गौशाला, हर महीने 1500 रुपये भी दे रही, जानें पूरी स्कीम

Last Updated:December 13, 2025, 18:13 ISTChitrakoot News : ये योजना आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि गौवंश की नस्ल सुधार पर भी फोकस किया गया है. किसान किसी भी गौशाला से दो से तीन साल की स्वस्थ बछिया ले सकते हैं. इसके बाद मात्र 100 रुपये देकर उसका सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कराया जा सकता है, जिससे 99 प्रतिशत संभावना बछिया पैदा होने की रहती है. चित्रकूट. पाठा क्षेत्र में रहने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए जिला प्रशासन ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ाने वाली है, बल्कि वर्षों से चली आ रही अन्ना प्रथा की समस्या का भी व्यावहारिक समाधान बन सकती है. अब चित्रकूट जिले की गौशालाओं में बंद गौवंश बोझ नहीं, बल्कि आजीविका का मजबूत साधन बनने जा रहे हैं. प्रशासन की इस योजना के तहत कोई भी आम नागरिक गौशाला से गाय या बछिया अपने घर ले जाकर पाल सकता है और बदले में हर महीने पैसा भी पा सकता है. चित्रकूट जिले में कई गौशालाओं में बड़ी संख्या में गौवंश संरक्षित हैं. इनके रखरखाव पर सरकार को भारी खर्च करना पड़ता है. ऐसे में अब गौशाला से ली गई प्रत्येक गाय के पालन के बदले पशुपालक को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे. एक ओर चारे और देखभाल में मदद तो दूसरी ओर दूध बेचकर अतिरिक्त कमाई का मौका, अब चित्रकूट के लोगों को दिया जा रहा है.

पैदा होगी सिर्फ बछिया

कर्वी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश कुमार पांडेय ने लोकल 18 को बताया कि ये योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि गौवंश की नस्ल सुधार पर भी खास फोकस किया गया है. कृत्रिम गर्भाधान में साहीवाल और रेड सिंधी जैसी उन्नत नस्लों का 50 प्रतिशत अंश शामिल होगा. इससे पैदा होने वाली गायें 8 से 10 लीटर तक दूध देने में सक्षम होंगी. इससे न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय बाजारों में दूध की उपलब्धता भी बेहतर होगी.

घर आकर जांच करेगी टीम

एक व्यक्ति अधिकतम चार गौवंश गोद ले सकता है. इसके लिए उसे पशु विभाग में उपलब्ध निर्धारित फार्म भरना होगा. फार्म की जांच के बाद संबंधित गौशाला से गौवंश दिया जाएगा. पशुपालन विभाग समय-समय पर निरीक्षण भी करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानवरों की ठीक से देखभाल हो रही है. इस पहल से सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की संख्या में कमी आएगी. ग्रामीण परिवारों के लिए ये योजना नियमित आय का जरिया बनेगी.About the AuthorPriyanshu GuptaPriyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ेंLocation :Chitrakoot,Uttar PradeshFirst Published :December 13, 2025, 18:13 ISThomeagricultureसाहीवाल से सिंधी तक की गाय फ्री में बांट रही गौशाला, हर महीने ₹1500 भी मिलेंगे

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