महाराजगंज के एक परिवार की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास का ऐसा गजब उदाहरण है, जो हजारों लोगों को प्रेरणा दे सकता है. महाराजगंज जिले के रहने वाले मार्तंड गुप्ता के पिता के संघर्ष की कहानी ऐसी है जिसे सुनकर किसी भी व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास पैदा हो सकता है. उनके पिता गरीबी के कारण गांव से शहर आए और बेहद कठिन हालात में अपना सफर शुरू किया. कम पूँजी और सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत से छोटा काम खड़ा किया. संघर्षों ने उन्हें मजबूत बनाया और अनुभव ने राह आसान की. धीरे-धीरे पहचान बढ़ी और आज उसी काम से उनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो चुकी है.
उनके पिता ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि जब बहुत छोटे थे इस समय उनके पिता गांव से पूरे परिवार के साथ शहर में चले आए. शहर आने के बाद 2005 से ही वह एक किराए के मकान में अपने परिवार को लेकर रहने लगे. धीरे-धीरे समय बितता गया और उन्होंने एक ड्राई क्लीनर्स की दुकान खोलने की योजना बनाई और कुछ दिनों बाद उस दुकान को शुरू किया. समय के साथ उन्होंने एक बेहतरीन सफर तय किया और वर्तमान समय में महाराजगंज सिटी में उनकी दो-दो दुकान और खुद का घर है. जिस दुकान को उन्होंने अपने शुरुआती समय में शुरू किया था आज उनके बच्चों ने उनके व्यवसाय को संभालना शुरू कर दिया है और पिता की सोच के अनुसार व्यवसाय को संभाल रहे हैं.
मार्तंड गुप्ता ने बताया कि गरीबी को हमने बहुत ही नजदीक से देखा है और उससे सबक लिया है. इसके साथ ही पिता के संघर्ष को भी देखा है जिससे हमेशा उन्हें प्रेरणा मिलती है. यही वजह रही है कि उन्होंने भी बिजनेस में खुद को शामिल किया और पिता के व्यवसाय को संभालने में खुद को लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह अपने व्यवसाय को प्रतिदिन 12 से 14 घंटे का समय देते हैं और लगातार मेहनत करते हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चाहे काम छोटा हो या बड़ा यदि आप अनुशासन और लगन के साथ उसको संचालित करते हैं तो वह आपके भविष्य को निर्धारित करता है.

