Uttar Pradesh

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीनी युवक को नहीं दी जमानत, कहा- भारत-चीन के रिश्ते को अनदेखा नहीं कर सकते

Last Updated:November 28, 2025, 16:29 ISTAllahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से भारत में रह रहे चीनी नागरिक की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस दौरान कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी भी की. कोर्ट ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों को कोर्ट नजर अंदाज नहीं कर सकती है. हाईकोर्ट ने भारत में अवैध तरीके से रह रहे चीनी नागरिक को जमानत देने से इंकार कर दिया है.इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीनी युवक की जमानत याचिका खारिज कर दी.प्रयागराजः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से भारत में रह रहे चीनी नागरिक की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस दौरान कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी भी की. कोर्ट ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों को कोर्ट नजर अंदाज नहीं कर सकती है. हाईकोर्ट ने भारत में अवैध तरीके से रह रहे चीनी नागरिक को जमानत देने से इंकार कर दिया है. चीनी नागरिक को नोएडा की बीटा 2 थाने की पुलिस ने जून 2022 में उसकी गर्लफ्रेंड के साथ गिरफ्तार किया था. इस दौरान चीनी नागरिक के पास से नकली पासपोर्ट और नकली आधार कार्ड भी मिला था. चीनी नागरिक कोविड 19 में भारत आया था. लेकिन वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद भारत में अवैध तरीके से रह रहा था. हाईकोर्ट ने चीनी नागरिक की जमानत अर्जी पर टिप्पणी करते हुए उसकी जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया.

कोर्ट ने कहा- भारत-चीन के रिश्ते को अनदेखा नहीं कर सकतेकोर्ट ने कहा कि कोर्ट साक्ष्य अधिनियम के अधिदेश की अनदेखी करके भारत और चीन के बीच संबंधों को नजर अंदाज नहीं कर सकती. कोर्ट ने कहा कि संभावना है कि यदि आवेदक को जमानत पर रिहा कर दिया जाता है, तो वह अवैध रूप से देश छोड़ सकता है. क्योंकि एक अन्य सह-आरोपी इस मामले में पहले ही देश छोड़ चुका है और अभी भी लापता है. हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक और तथ्य यह भी है कि भारत और चीन के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है. इसलिए अगर आवेदक अवैध रूप से देश छोड़ देता है तो उसे न्याय के दायरे में वापस लाना संभव नहीं होगा.

कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिकाकोर्ट ने इन तथ्यों के साथ चीनी नागरिक सु फाई उर्फ कोई (Xue Fei@ Koei) की जमानत अर्जी खारिज कर दी. यह आदेश जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने सुनाया है. आवेदक Xue Fei@ Koei ने अपने खिलाफ जून 2022 में नोएडा में दर्ज मामले में जमानत के लिए जनवरी 2023 में जमानत याचिका दायर की थी. आवेदक Xue Fei@ Koei और उसकी महिला मित्र पेटखे रेनूओ (Petekhrienuo) के खिलाफ 14 जून 2022 को नोएडा के बीटा 2 थाने में एसआई प्रमोद कुमार ने आईपीसी की संगीन धाराओं समेत विदेशी एक्ट के साथ मामला दर्ज कराया था.

नोएडा से चीनी नागरिक हुआ था गिरफ्तारचीन के नागरिक सु फाई ने युआन हैंलोंग निवासी डुबेई किस्चेंग ज्हेंग्जी बुहान और लूलांग निवासी रेनही रोड होगेशन बुहान (दोनों चीन) से काठमांडू नेपाल के रास्ते से भारत में अवैध रूप से एंट्री कराई थी. उसके बाद पुलिस टीम नोएडा के फ्लैट संख्या 401, जे.पी. ग्रीन्स सोसाइटी पहुंची थी. जहां पर आवेदक रह रहा था और तलाशी के दौरान आवेदक का एक जाली पासपोर्ट और आधार कार्ड भी बरामद किया गया था जो लाक्पा शेरपा के नाम से था. यह भी पाया गया था कि आवेदक ने अपने वीज़ा ई-एफआरआरओ रिपोर्ट में जालसाजी करके इसकी वैधता 2020 से 2022 तक बढ़ा दी थी‌. हालांकि आवेदक चीनी नागरिक की वीज़ा की वैधता साल 2020 में ही समाप्त हो गई थी.

जाली आधार कार्ड और फर्जी दस्तावेज पाए गएयह भी पाया गया कि नोएडा की सोसाइटी में फ्लैट संख्या 401 को एचटीजेडएन प्राइवेट लिमिटेड और उसके मालिक के बीच हुए एक समझौते के माध्यम से इस जाली दस्तावेज़ के आधार पर किराए पर लिया गया था. इसके बाद पुलिस ने आवेदक से पूछताछ के आधार पर गुड़गांव स्थित ताज होटल के रुम नंबर संख्या 815 की भी तलाशी ली थी. जहां से चीनी नागरिक पेटे लिरिनुओ @ पेटे के कई जाली आधार कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई. सह-आरोपी पेटे ने यह भी बताया कि वो आवेदक की मित्र है और उसने आवेदक के कहने पर एक चीनी व्यक्ति के लिए सिम कार्ड और जाली आधार कार्ड भी खरीदे थे. इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने नोएडा में 14 जून 2022 को मामला दर्ज किया था.

चीनी युवक के बचाव में वकील ने दी कई दलीलआवेदक के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि आवेदक 14 जून 2022 से जेल में बंद है और अब तक कुल 76 गवाहों में से नौ गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है. इसलिए मुकदमे को पूरा होने में समय लगेगा और आवेदक को मुकदमे के पूरा होने तक जेल में नहीं रखा जा सकता. जबकि मुकदमे के जल्द खत्म होने की कोई संभावना नहीं है. आवेदक के वकील ने यह भी दलील दी कि आवेदक पर पैसे की हेराफेरी करने या किसी भी तरह से मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के आरोप में अभी तक पुलिस द्वारा आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है. इस बात का भी कोई सबूत नहीं है कि आवेदक ने अपने वीज़ा के साथ-साथ जाली आधार कार्ड और भारतीय राष्ट्रीयता का पासपोर्ट तैयार करने में भी जालसाजी की है. आवेदक भारत में भी अवैध व्यापार करता है और HTZN प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और तियानशांग रेनजियान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से धन की हेराफेरी करता है.About the AuthorPrashant Raiप्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ेंLocation :Allahabad,Uttar PradeshFirst Published :November 28, 2025, 16:29 ISThomeuttar-pradeshHC ने चीनी युवक को नहीं दी जमानत, कहा- ये भाग जाएगा तो चीन से ला नहीं पाएंगे

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