Uttar Pradesh

ब्लास्ट, बंद मकान और … मुजाहिद उर्फ मुजम्मिल संदिग्ध, दाढ़ी काटते ही बढ़ी जांच की सस्पेंस

हापुड़: दिल्ली के लाल किले के पास i20 कार में हुए बम ब्लास्ट की जांच अब हापुड़ तक पहुंच गई है. हापुड़ जिले के पिलखुवा कोतवाली इलाके में जीएस मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर फारूख अहमद, जिनका लिंक अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al Falah University) से है, को दिल्ली पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. फारूख, जम्मू कश्मीर के बडगाम का रहने वाला बताया जा रहा है.

डॉक्टर की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पिलखुवा के खेड़ा गांव में एक मकान में विस्फोट हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मकान पर ताला लगाकर लोगों को अंदर जाने से रोका. पुलिस ने शॉर्ट सर्किट को कारण बताया, लेकिन मकान के अंदर की तस्वीरें और नुकसान से यह स्पष्ट हो रहा है कि विस्फोटक सामग्री रखी गई थी.

विस्फोट वाले मकान में किराएदार रहते हैं, जिनमें से एक मुजाहिद उर्फ मुजम्मिल पूरी तरह संदिग्ध माना जा रहा है. मुजाहिद वर्षों से गांव में किसी से संपर्क नहीं रखता, हमेशा चेहरा ढककर रहता है और छोटे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है. कल ही डॉक्टर फरूख की गिरफ्तारी के बाद मुजाहिद ने अपनी लंबी दाढ़ी खुद काट दी, जो गांव में चर्चा का विषय बन गया.

विस्फोट में एक व्यक्ति बुरी तरह झुलस गया, जबकि दूसरे कमरे में मौजूद व्यक्ति दीवार गिरने से घायल हुआ. धमाके की आवाज आसपास के लोगों ने दूर तक सुनी. आईबी मेरठ, एलआईयू और एसआईयू की टीम मौके पर पहुंची, साथ ही फायर विभाग के अधिकारी भी जांच में जुटे हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुजाहिद बिहार का रहने वाला है, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड नहीं मिला है.

पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके पीछे बड़ी साजिश की संभावना तलाश रही हैं. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि डॉ. फारूक का दिल्ली ब्लास्ट के मास्टरमाइंड्स और अन्य संदिग्धों से संपर्क रहा है. इसके बाद स्पेशल सेल की एक टीम हापुड़ पहुंची और मेडिकल कॉलेज कैंपस में तलाशी अभियान चलाया. डॉ. फारूक को उनके आवास से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गई थी.

फोन, लैपटॉप और दस्तावेज किए जब्तऐसा बताया जा रहा है कि पुलिस ने डॉ. फारूक के मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फारूक का अल फलाह यूनिवर्सिटी और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े गिरफ्तार डॉक्टरों के साथ संपर्क था. एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या मेडिकल प्रोफेशनल्स के इस नेटवर्क में हापुड़ का यह कॉलेज भी शामिल था.

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